वर्ष २०१८ में सूरजपुर न्यायालय से आजिवन कारावास की सजा सुनाने के बाद केन्द्रीय जेल में था भर्ती
अंबिकापुर. तीन महीने पूर्व एक बंदी अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल से इलाज के दौरान पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। जेल प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट मणिपुर चौकी में दर्ज कराई थी। पुलिस की डर से बंदी इधर-उधर बचता फिर रहा था। वह कई दिनों तक जगल में गुजारा। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली की बंदी १३ सितंबर को पत्नी व बच्चों से मिलने अपने घर ग्राम करौटी सूरजपुर आने वाला है। मणिपुर चौकी पुलिस ने चेन्द्रा पुलिस चौकी के सहयोग से फरार बंदी को गिर तार कर लिया है। पुलिस ने उसे पुन: जेल दाखिल कर दिया है। वह धारा ४५०, ३७६ (२) (१), ३७६ (२), ३२३ के मामले में केन्द्रीय जेल अंबिकापुर में आजिवन कारावास का सजा काट रहा है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दिलभरन उर्फ जोधा ग्राम करौटी थाना झिलमिली जिला सूरजपुर का निवासी है। इसके खिलाफ धारा ४५०, ३७६ (२) (१), ३७६ (२), ३२३ के मामले में सूरजपुर न्यायालय से वर्ष २०१८ में आजिवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद से उसे केन्द्रीय जेल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया था। तबियत खराब होने पर उसे ३ जून २०२० को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ५ जून की सुबह सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों द्वारा इसे शौच के लिए शौचालय ले जाया गया था। वहीं पर वह मौके का फायादा उठाकर हाथ से हंथकड़ी निकाल कर अस्पताल से भाग गया। पुलिस द्वारा काफी खोजबीन की गई पर इसका कही पता नहीं चला। जेल प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट मणिपुर चौकी में दर्ज कराई थी। पुलिस बंदी की तलाश में जुटी हुई थी।
पूर्व में शहर में रिक्शा चलाने का काम करता था बंदी
अस्पताल से फरार बंदी दिलभरन उर्फ जोधा शहर में रहकर पूर्व में रिक्शा चलाने का काम करता था। इस कारण उसे शहर के हर गली का पता था। वह अस्पताल के पीछे तालाब के रास्ते वह भाग निकला। इस दौरान वह जेल का कपड़ा तालाब के पास फेंक दिया और इधर-उधर मेहतन मजदूरी कर छिपा रहा। वह कई दिनों तक जंगल में भी गुजारा। १३ सितंबर को वह पत्नी व बच्चों से मिलने अपने घर जाने वाला था। मुखबिर से इसकी जानकारी मिलने पर मणिपुर चौकी पुलिस ने चेन्द्रा पुलिस की मदद से आरोपी को उसके घर ग्राम करौटी से गिर तार कर लिया है।
