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छत्तीसगढ़

सरगुजा को एनीमिया मुक्त बनाने का सपना जल्द होगा साकार कलेक्टर के मार्गदर्शन में गर्भवती-शिशुवती माताओं को एनीमिया से बचाने चलाया जाएगा अभियान


अंबिकापुर। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत जिले की गर्भवती व शिशुवती माताओं को एनीमिया जैसी गंभीर बीमारियों से मुक्ति दिलाने के लिए एनीमिया मुक्त सरगुजा अभियान चलाया जाएगा। अभियान दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती व शिशुवती माताओं के सर्वे के लिए डिसेंट्रलाइज डिजिटलाइजेशन ट्रैकिंग का उपयोग किया जाएगा। कलेक्टोरेट सभागार में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के आला अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सरगुजा को एनीमिया मुक्त बनाने के लिए आप सभी को मैदानी स्तर पर जाकर कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा एनीमिया मुक्त सरगुजा बनाने में मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, जिला मितानिन समन्वयक का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा क्योंकि एनीमिया से ज्यादातर ग्रामीण महिलाएं पीडि़त होती हैं इसलिए हमें सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में मेहनत करने की जरूरत है, तभी हम सरगुजा को एनीमिया मुक्त सरगुजा बना पाएंगे। कलेक्टर ने विश्वास इस अभियान में जिम्मेदारों की ईमानदारी पूर्वक भागीदारी पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें किसी मदद की जरूरत हो तो वे दिन-रात उपलब्ध हैं। बेझिझक उन्हें कॉल कर सकते हैं या मिलकर अपनी समस्या बता सकते हैं। बैठक में जिला कलेक्टर ने इस बात पर चिंता व्यक्त की, कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी की शिकायत पाई जा रही है। इस हेतु कलेक्टर ने बैठक में सरगुजा जिले में समस्त गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं में एनिमिया रोग के रोकथाम हेतु वृहद कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जटिल प्रसव, प्रसव उपरांत महिला का उचित देखभाल, बच्चों में कुपोषण कम करने हेतु अंतर्विभागीय कोर कमेटी बनाने के निर्देश दिए। कमेटी का मुख्य कार्य अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित कर वृहद कार्ययोजना बना सरगुजा जिले को एनीमिया मुक्त बनाना है। एनीमिया मुक्त सरगुजा के नोडल अधिकारी जिला पंचायत सरगुजा के सीईओ तथा सहायक नोडल अधिकारी नगर निगम आयुक्त हैं। इसके सदस्य मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, सभी सीडीपीओ, बीएमओ नियुक्त किए गए हंै। स्वास्थ्य सुविधा एवं संपूर्ण जांच मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा पोषण आहार संबंधित कार्य महिला एवं बाल विकास अधिकारी द्वारा संबंधित विभाग के माध्यम से किए जाएंंगे। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में ग्राम स्तर व नगर निगम वार्ड स्तर, विकासखंड स्तर एवं जिला स्तर पर विशेष निगरानी समिति बनाई गई है।
एप के माध्यम से देंगे एकत्र जानकारी
एनीमिया मुक्त सरगुजा कार्यक्रम में हितग्राहियों की समस्त जानकारी एप के माध्यम से इंद्राज की जाएगी, जिसे जिला स्तर पर तैयार किया जाएगा। सभी गर्भवती, शिशुवती माताओं की जानकारी मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एकत्र कर एप के माध्यम से देंगे, इसमें एनीमिया की पहचान, महिलाओं की संपूर्ण जांच, एनीमिया का उपचार, गर्म व पोषित भोजन की व्यवस्था, आवश्यकता पडऩे पर रेफरल की सुविधा, सुरक्षित प्रसव संपूर्ण टीकाकरण व जागरूकता का कार्य कर के एनीमिया में कमी लाई जाएगी। कार्यक्रम अंतर्गत विकासखंड स्तर पर राजस्व विभाग, पंचायत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग, मितानिन शिक्षा विभाग द्वारा अंतविर्भागीय समन्वय कर सर्वे का कार्य हितग्राहियों की पहचान, निगरानी समिति का कार्य इत्यादि किए जाएंगे।
इन छह बिंदुओं पर करना है कार्य
0 शत-प्रतिशत गर्भवती का प्रथम त्रैमास पंजीयन।
0 गुणवत्ता पूर्वक प्रसव पूर्व जांच।
0 गर्भवती महिलाओं में एनिमिया का उपचार।
0 नियमित निगरानी।
0 रेफरल सेवाओं की सुनिश्चितता।
0 कठिन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का सृदृढीकरण।

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