अंबिकापुर। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारी समान कार्य समान वेतन और नियमितीकरण को लेकर लामबंद हैं। इसी क्रम में समिति के संभाग स्तरीय कर्मचारियों ने शुक्रवार को अंबिकापुर में रैली निकालकर दो सूत्रीय मांग को लेकर मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम सरगुजा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। मांगें पूरी नहीं होने पर 22 अगस्त से उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है। बता दें कि सहकारी समिति के अधिकारी-कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर बीते एक जुलाई से पांच जुलाई तक संभाग स्तरीय आंदोलन में हिस्सा लिए। इस दौरान समितियों में ताला लटकने की नौबत न बनने पाए, इसे देखते हुए सरगुजा कलेक्टर ने जिले के अनुभाविगीय अधिकारी राजस्व को समितियों में राजस्व निरीक्षकों और पटवारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए थे। हालांकि इस अवधि में सहकारी समितियों के कार्यालयों में व्यवधान की स्थिति बनी रही। हड़ताल, आंदोलन के अंतिम दिन पांच अगस्त को लामबंद समिति प्रबंधक व कर्मचारी दो सूत्रीय मांगों को लेकर रैली की शक्ल में निकले और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। सहकारी समितियों के कर्मचारियों के हड़ताल में जाने से किसानों को खाद, बीज और नगदी रुपये के भुगतान को लेकर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
संभागीय अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, प्रबंधक ने कहा-
छत्तीसगढ़ आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कर्मचारी संघ के संभागीय अध्यक्ष प्रभाकर सिंह, समिति प्रबंधक रोशनी सिंह ने कहा कि काफी दिनों से नियमितिकरण और समान काम के लिए समान वेतन की मांग को लेकर उनके द्वारा आवाज उठाई जा रही है लेकिन अभी तक शासन का उनकी ओर ध्यान नहीं गया है। इसे लेकर प्रथम चरण में वे एक से पांच अगस्त तक पांच दिवसीय हड़ताल में रहे। हड़ताल के अंतिम दिन रैली निकालकर उन्होंने कलेक्टर सरगुजा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। मांग पूरा नहीं होने पर 22 अगस्त से अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे। इससे किसानों को असुविधा होगी। समिति प्रबंधकों का कहना था कि उन्हें इतना कम वेतन मिलता है कि घर-परिवार का खर्च, बच्चों की पढ़ाई करा पाना मुश्किल है। संघ के उपाध्यक्ष संलिप्त कुमार कुशवाहा ने कहा लोग कहते हैं काका है तो भरोसा है लेकिन आज तक हम लोग अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। शासन हमारी बातों को अनसुना कर रहा है। हड़ताल का पांचवां दिन है, इसलिए कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप रहे हैं। मांग पूरा नहीं होने पर पखवाड़े भर बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल की ओर अग्रसर होंगे।
सहकारी समिति के कर्मचारियों का पांच दिवसीय आंदोलन समाप्त-मांग पूरी नहीं हुई तो 22 से उग्र आंदोलन आंदोलन के अंतिम दिन कर्मचारियों ने रैली निकाल कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा

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