अंबिकापुर। केंद्रीय जेल अंबिकापुर में गांधीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम फुंदुरडिहारी निवासी विचाराधीन बंदी उत्तम व्यापारी पिता मनोरंजन व्यापारी सजा काट रहा था। बंदी को चार जून को उपचार हेतु जिला चिकित्सा भेजा गया, यहां के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उपचार किया जा रहा था। उक्त बंदी को आगामी उपचार के लिए रेफर करने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर भेजा गया, यहां से 15 जुलाई 2022 को उपचार पूर्ण होने पर उसे केंद्रीय जेल रायपुर से वापस अंबिकापुर लाया गया था। यहां आने के बाद जेल चिकित्सक के परामर्श पर बंदी का उपचार किया जा रहा था। उपचार के दौरान 20 जुलाई को प्रात: 3:40 बजे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में उसकी मृत्यु हो गई थी।
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कुंदन कुमार ने डिप्टी कलेक्टर सीएस पैंकरा को इसके लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्होंने जांच अधिकारी को निर्देशित किया है कि बंदी के जेल प्रवेश के समय स्वास्थ्य की क्या स्थिति थी, बंदी कब बीमार हुआ तथा उसे ईलाज हेतु जिला चिकित्सालय अंबिकापुर कब भेजा गया, क्या बंदी अचानक बीमार हुआ और उसकी मृत्यु हो गई। उपचार के समय उन्हें कौन-कौन सी औषधियां दी गई। बंदी के उपचार के समय यदि कोई लापरवाही बरती गई है तो लापरवाही के लिए दोषी अधिकारी अथवा कर्मचारी कौन-कौन हैं? बंदी के साथ कोई अमानुषिक कृत्य तो नहीं किया गया है, जिससे बंदी की मृत्यु हुई हो? क्या बंदी को शारीरिक या मानसिक यातना दी गई है? यदि ऐसा हुआ हो तो दोषी अधिकारी या कर्मचारी कौन-कौन हैं? उपरोक्त बिंदुओं पर एक माह में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा गया है।
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