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छत्तीसगढ़

सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर लाखों की धोखाधड़ी करने वाला पकड़ाया पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में अभियान चलाकर की गई कार्रवाई में हाथ लगे धोखाधड़ी के आरोपित


अंबिकापुर। सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर जिले के विभिन्न क्षेत्र के बेरोजगारों से 75 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेज दिया है। धोखाधड़ी के शिकार लोगों द्वारा की गई शिकायत पर पुलिस ने उक्त कार्रवाई की है। पुलिस मामला सामने आने के बाद से ही आरोपितों के तलाश में लगी थी। आरोपितों के पुलिस के हाथ लगने के बाद धोखाधड़ी के शिकार और भी लोग सामने आ सकते हैं, जिन्हें न तो नौकरी मिली और न ही रकम ही वापस हो पाई है।
जानकारी के मुताबिक शैलेंद्र राजवाड़े के द्वारा कोतवाली अंबिकापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि सरकारी नौकरी लगाने का प्रलोभन देकर भट्टी रोड-त्रिकोण चौक में सरगुजा टेंट हाऊस के पास रहने वाले मृगांक सिन्हा पिता सुनील सिन्हा एवं अमित पैकरा ने नगद एवं किश्तों में लगभग 75 लाख रुपये की धोखाधड़ी उससे एवं परिचितों से किया है। घटना की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को देने के बाद कोतवाली पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच में लिया था। इधर धोखाधड़ी के आरोपित पुलिस की नजर से बचते फिर रहे थे। पकड़ में आने के बाद आरोपितों ने पूछताछ में नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी करना स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपितों को शनिवार को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा है। कार्रवाई में कोतवाली प्रभारी भारद्वाज सिंह, साइबर सेल प्रभारी प्रभारी निरीक्षक मो.कलीम खान, निरीक्षक विजय प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक नरेश गुप्ता, सहायक उपनिरीक्षक कृष्णा यादव, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, महिला आरक्षक स्मिता रागिनी, आरक्षक कुंदन सिंह, अंशुल शर्मा, मनीष सिंह, शिव राजवाड़े, विकास मिश्रा शामिल रहे।
आईजी व एसपी के निर्देश पर सक्रिय हुई पुलिस  
सरगुजा जिले के भोले-भाले बेरोजगारों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज अजय यादव के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक सरगुजा भावना गुप्ता ने घटना के आरोपित की तत्काल गिरफ्तारी हेतु विशेष टीम गठिन करने के निर्देश दिए थे। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला, नगर पुलिस अधीक्षक अखिलेश कौशिक के नेतृत्व में कोतवाली प्रभारी भारद्वाज सिंह ने आरोपित की तलाश के लिए टीम गठित किया गया था। वहीं साइबर सेल की टीम ने मुखबिर की सूचना पर घटना के मुख्य आरोपित मृगांक सिन्हा एवं अमित पैकरा को पकड़ा और थाना लाकर घटना के संबंध में पूछताछ की तो आरोपितों ने सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी में शामिल होना स्वीकार किया।
धोखाधड़ी के शिकार दे सकते हैं थाने में जानकारी  
पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने आरोपितों के पकड़ में आने के बाद बताया कि इनके द्वारा कई लोगों से नौकरी लगाने के नाम पर ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया है। ठगी के शिकार हुए कई ऐसे लोग होंगे जो रुपये वापस मिलने की उम्मीद में अभी तक थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराए हैं। ऐसे लोग सरगुजा पुलिस के समक्ष तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध करा रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं। ठगी के मामले में अन्य लोगोंं के शामिल होने की भी संभावना है। पुलिस की जांच अभी जारी है। मामले में आगे पुलिस बड़ा पर्दाफास कर सकती है।
प्रलोभन में नहीं आने की अपील  
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज अजय कुमार यादव व पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के प्रलोभन में आकर धोखाधड़ी का शिकार ना होवें। अगर उन्हें कोई नौकरी से संबंधित या अन्य प्रलोभन देता है, तो इसकी सूचना सरगुजा पुलिस को तत्काल प्रदान करें, ताकि लोग धोखाधड़ी का शिकार होने से बच सकें। सरगुजा पुलिस आम नागरिकों की सेवा और सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है।

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