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छत्तीसगढ़

हरेली लोक पर्व पर गौ माता का तिलक अभिनदंन, कृषि उपकरणों की पूजा सरगवां गोठान में 13 कृषकों से 88 लीटर व बटवाही में 11 कृषकों से 75 लीटर गौमूत्र की खरीदी


अंबिकापुर। कृषि उपकरणों की पूजा-अर्चना व गौओं को चारा खिलाकर हरियाली व खुशहाली के प्रतीक लोक पर्व हरेली को जिले में हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। इसी कड़ी में सरगवां गोठान में विकासखंड स्तरीय हरेली पर्व पर कार्यक्रम कलेक्टर कुन्दन कुमार, जिला पंचायत के सीईओ विनय कुमार लंगेह सहित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित की गई। विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम में पारंपरिक रीति से पूजा कर हरेली त्यौहार की शुरुआत की गई। गौ माता का माला पहनाकर एवं तिलक लगाकर अभिनदंन किया गया व चारा खिलाया गया। गोधन न्याय योजना के तहत सरगवां व बाटवाही गोठान में गोमूत्र की खरीदी की भी शुरुआत की गई। सरगवां गोठान में 13 कृषकों से 88 लीटर व बटवाही गोठान में 11 कृषकों से 75 लीटर गौमूत्र खरीदा गया। इस दौरान गौ मूत्र बेचने वाले पशुपालकों को गौमूत्र खरीदी पंजीयन कार्ड भी दिया गया। इस कार्ड में पशुपालक द्वारा बेचे गए गौमूत्र की मात्रा व राशि दर्ज की जाएगी। इस प्रकार का कार्ड देने वाला सरगुजा प्रदेश का पहला जिला है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ी में हरेली पर्व की गाड़ा-गाड़ा बधाई दी व जय जोहार कहा। उन्होंने कहा हरेली पर्व परंपरा से जोड़े रखने के साथ गोधन के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि गोधन अब दो दूनी चार बन गया है। गोधन न्याय योजना के तहत दो वर्ष पहले शुरू हुई गोबर खरीदी 2 रुपये किलो में हो रही है। अब इस योजना के तहत गौमूत्र चार रुपये प्रति लीटर खरीदी जाएगी। गोधन योजना में अब एक नया अध्याय जुड़ गया है। राज्य शासन के द्वारा नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना को लाना एक दूरदर्शी सोच का प्रतीक है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुधरी है। समूह की महिलाओं को स्वतंत्रता मिली है और वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हंै। दुनिया में केवल छत्तीसगढ़ ही एक ऐसा राज्य है जहां गोबर खरीदी की शुरुआत हुई है। गोधन न्याय योजना पूरे देश में एक रोल मॉडल बन चुका है। जिला पंचायत के सीईओ विनय कुमार लंगेह ने हरेली पर्व की बधाई देते हुए कहा कि दो वर्ष पूर्व शुरू हुए गोधन न्याय योजना का जिले में बेहतर क्रियान्वयन हो रहा है। उन्होंने कहा कि सभी पशुपालक गोठान लाकर ही गोबर बेचें, घर में इक_ा न करें। इस अवसर पर जनपद सदस्य संजय सिंह, सरपंच मीना हरिना, उप सरपंच मनीष ली, अजय बंसल, डीएफओ पंकज कमल, अपर कलेक्टर एएल ध्रुव, एसडीएम प्रदीप साहू, तहसीलदार भूषण मंडावी, जनपद सीईओ एसएन तिवारी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, समूह की महिलाएं व ग्रामीण उपस्थित थे।
फीड सेंटर का हुआ उद्घाटन
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इस अवसर पर गोठान में नव निर्मित फीड सेंटर का फीता काटकर उद्घाटन किया गया। इस सेंटर में समूह की महिलाएं मैदा से नूडल्स बना रही हैं तथा कच्ची घनी से सरसों का तेल निकाल रही हैं। कलेक्टर ने समूह की महिलाओं से नूडल्स बनाने की विधि व लाभ के बारे में पूछताछ की। महिलाओं की मांग पर नूडल्स को पैक करने की मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
रोपे गए पौधे
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इस अवसर पर अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के द्वारा गोठान में फलदार व शोभादार पौधों का रोपण किया गया। कलेक्टर कुन्दन  कुमार ने सीताफल, जिला पंचायत सीईओ ने अमरूद के पौधे लगाए।
कलेक्टर ने चलाया भौंरा, एसपी थामी गेड़ी
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हरेली पर्व के अवसर पर गोठान में कई पारंपरिक खेल भी आयोजित किए गए। इस दौरान कलेक्टर कुंदन कुमार ने भौंरा चलाया, वहीं पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने गेड़ी थामकर चढऩे की कोशिश की। गेड़ी का पायदान ढीला होने के कारण निकल गया, जिससे चलने लायक नहीं रहा।
नाला में बनेगा स्टॉप डेम  
कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ सरगवां गोठान का निरीक्षण किया। उन्होंने गोठान के पास बहने वाले नाला में स्टॉप डेम बनाने के लिए जल संसाधन, जिला पंचायत, आरईएस व मनरेगा के अधिकारियों को सर्वे कर कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने गोठान से लगे हुए शासकीय जमीन का सीमांकन करने के लिए भी निर्देशित किया।
विकासखंड स्तर पर भी मना हरेली त्यौहार
कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार प्रत्येक जनपद के एक गोठान में विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। लुंड्रा विकासखंड के बटवाही, बतौली के मंगारी, सीतापुर के सोनतराई, उदयपुर के सरगवां व लखनपुर के कुंवरपुर गोठान में धूम-धाम से हरेली त्यौहार मनाया गया। साथ ही सभी 312 सक्रिय गोठानों में भी हरेली त्यौहार मनाया गया।
राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय में हरेली तिहार पर विविध आयोजन
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राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र अंबिकापुर में छत्तीसगढ़ का प्रथम हरेली तिहार अधिष्ठाता डॉ.आरबी तिवारी की अध्यक्षता में हर्षोल्लास मनाया गया। अधिष्ठाता की अध्यक्षता में महाविद्यालय कृषि नगर आवासीय परिसर अजिरमा में गाजर घास उन्मूलन का कार्यक्रम महाविद्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा किया गया। तत्पश्चात महाविद्यालय के प्रांगण में छतीसगढ़ महतारी एवं हरेली की पूजा-अर्चना तथा कृषि यंत्रों एवं गौ-माता की पूजा की गई। पूजा उपरांत महाविद्यालय एवं बालक-बालिका छात्रावास परिसर में नीम और करंज के लगभग 150 पौधों का रोपण अधिष्ठाता, प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं ने किया। इस दौरान छत्तीसगढ़ लोकनृत्य, खेल-कूद, रस्सा-कस्सी एवं नारियल फेंक की अंतर-कक्षा प्रतियोगिताएं आयोजित की गई, जिसमें चार टीमें बीएससी (कृषि) प्रथम, तृतीय एवं चतुर्थ तथा एमएससी (कृषि) की टीमें शामिल हुई। बीएससी (कृषि) तृतीय वर्ष के अनुराग ठाकुर टीम रस्सा-कस्सी में, निरंजन किंडो टीम नारियल फेंक प्रतियोगिता में विजयी रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रम छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, गीत तथा रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने मनमोहक प्रस्तुति दी। अधिष्ठाता ने कार्यक्रम के सभी प्रतिभागियों की प्रशंसा की। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ.वीके सिंह, डॉ.एसके सिन्हा, डॉ.जीपी पैंकरा, डॉ.आरएस सिदार, डॉ.नीलम चौकसे, डॉ.केएल पैंकरा, डॉ.पीके भगत, डॉ.एसआर दुबोलिया, डॉ.अरुण कुमार नायक, डॉ.रंजीत कुमार, डॉ.राहुल आर्य, डॉ.जहार सिंह, अरुणिमा त्रिपाठी एवं डॉ.सचिन कुमार जायसवाल, यमलेश कुमार निषाद सहित कर्मचारी व काफी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
रैबीज के प्रति किया गया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान बेजुबान डॉग शेल्टर एनजीओ से आए डॉ.मयंक सिंह एवं सुधांशु शर्मा की टीम ने पशु स्वास्थ्य विशेषकर लावारिस पालतू पशुओं एवं रैबीज रोग पर चलचित्र के माध्यम से सभी को जागरूक किया गया।

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