अंबिकापुर। शादी के लिए दबाव बनाने पर प्रेमिका की दुपट्टा से गला घोंटकर की गई हत्या व शव को नदी में गाड़ देने के मामले में आरोपित प्रेमी को लगभग ढाई वर्ष बाद न्यायालय ने मिले साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है।
जानकारी के अनुसार बलरामपुर जिले के चांदो थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परसापानी की इंदु टोप्पो 26 वर्ष का प्रेम संबंध सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम राजापुर उरांवपारा निवासी जोहनदीप टोप्पो से था। युवती के द्वारा बार-बार प्रेमी युवक पर शादी करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। इसके बाद जोहनदीप उक्त युवती को अपने गांव ले आया और 19 नवंबर 2019 को गांव में ही नदी के पास शाम लगभग सात बजे ले गया था। इसके बाद युवती के दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दिया। आरोपित हत्या के बाद शव को नदी में बालू में गाड़ दिया था और चुपचाप घर आ गया। लड़की के गायब होने की सूचना उसकी मां ने अंबिकापुर में कोतवाली पुलिस को 27 नवंबर 2019 को दी थी, जिस पर पुलिस ने गुम इंसान का मामला दर्ज कर जांच में लिया था। पुलिस ने युवती के मोबाइल का लोकेशन और कॉल डिटेल प्राप्त करने के लिए सायबर सेल की मदद ली। जांच में पता चला कि युवती अंबिकापुर में ही मां के साथ रहकर काम करती थी और उसकी बातचीत जोहनदीप टोप्पो नामक युवक से होती थी। पुलिस ने आरोपित का लोकेशन प्राप्त कर उसे हिरासत में लिया और पूछताछ की तो पहले तो वह पुलिस को गुमराह करते रहा, बाद में पुलिस की पूछताछ के आगे वह टूट गया और प्रेमिका के दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या करने के बाद शव को नदी में दफनाने की बात स्वीकार किया। आरोपित की निशानदेही पर ही पुलिस ने शव को नदी से बरामद किया था, जिसकी पहचान मृतिका के जीजा ने की थी। पुलिस ने आरोपित के घर से मृतिका का सामान भी जब्त किया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपित को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। आरोपित तत्समय से जेल में ही बंद रहा, जिसकी सुनवाई न्यायालय में चल रही थी। हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीलिमा सिंह बघेल ने मंगलवार को आरोपित को दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। इसके अलावा साक्ष्य छिपाने के आरोप में धारा 201 के तहत तीन वर्ष के कारावास व एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक हेमंत तिवारी और अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता दिवाकर गुप्ता ने पैरवी की।
दुपट्टे से गला घोंटकर प्रेमिका के लाश को नदी में दफनाने वाले प्रेमी को न्यायालय ने सुनाई उम्रकैद की सजा शादी करने के बना रही थी दबाव, अपने घर ले जाकर घटना को दिया था आरोपित अंजाम

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