अंबिकापुर। राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए द्वारा जनजाति समाज की द्रौपदी मूर्मू को उम्मीदवार बनाया गया है। देश के इतिहास में पहला ऐसा निर्णय है। देश में करीब 11 करोड़ से ऊपर अनुसूचित जाति वर्ग की आबादी है। देश के इतिहास में किसी भी पार्टी ने अनुसूचित जाति समाज को आगे लाने का काम नहीं किया है। केवल अनुसूचित जाति को ठगने का काम किया गया। उक्त बातें गुरुवार को भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने कही। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के डेवलपमेंट के लिए सारे काम एनडीए के सरकार ने किए हैं। उन्होंने कहा कि 18 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान होना है। इससे पहले जितने भी कांग्रेस के एमपी, एमएलए हैं, सभी के पास जाकर राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के लिए समर्थन मांगेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखेंगे और समर्थन मांगेंगे। अगर वे समर्थन नहीं करते हैं तो समझा जाएगा कि वे आदिवासियों के साथ केवल छलावा करते हैं। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री से पत्र के माध्यम से आग्रह किया जाएगा कि चूक मत कीजिए। अगर इस समाज को छोड़कर दूसरे समाज को देख रहे हैं तो निश्चित ही यह समाज आने वाले समय में जवाब देने के लिए तैयार रहेगा। पत्रवार्ता को भाजपा अनूसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री सत्यनारायण सिंह ने भी संबोधित किया।
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