राजपुर/शंकरगढ़। बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र में पदस्थ वन परिक्षेत्र अधिकारी अखिलेश जयसवाल पर अधिकारियों की मेहरबानी कुछ इस कदर है कि शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र कार्यालय से महज कुछ दूरी पर स्थित मुख्य मार्ग से लगे सरगांव और लोधी के बीच प्लांटेशन कक्ष क्रमांक पी. 2887 में साल के दर्जनों पेड़ काट दिए गए, जिससे वे अनजान हैं। इसके पीछे कारण रेंजर साहब की कार्यालयीन कार्यों के प्रति अरूचि और आए दिन अपने निवास में बाहर से ताला मारकर फील्ड भ्रमण के बहाने आराम फरमाना है। ये बातें पूर्व में भी अखबारों की सुर्खियां बन चुकी हैं, लेकिन इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है। इस लापरवाही का फायदा क्षेत्र के लकड़ी तस्करों को मिल रहा है। जंगल में ठूंठ बढ़ रहे हैं। शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र का कक्ष क्रमांक पी.2887 विभागीय कार्यालय व शंकरगढ़-कुसमी मुख्य मार्ग पर स्थित है। मुख्य मार्ग से लगे इस कक्ष क्रमांक में लगे दर्जनों साल के वृक्ष काट दिए गए हैं। मुख्य मार्ग में लगे वन क्षेत्र का यह हाल है तो दूरस्थ इलाकों के जंगलों का हाल क्या होगा, यह समझा जा सकता है। वहीं उच्च अधिकारियों को भी इससे कोई लेना-देना प्रतीत नहीं होता है। शंकरगढ़ वन क्षेत्र के कई इलाकों जगीमा, पटना, कोटली, डीपाडीह खुर्द, डीपाडीह कला व अन्य क्षेत्रों में जंगलों का तेजी से सफाया हो रहा है, जिस पर आज तक किसी भी उच्च अधिकारी के द्वारा कार्रवाई व जांच नहीं की गई है, जिससे इनके हौसले बुलंद हैं।
बयान-
गलत तरीके से वनों की कटाई पर रोक लगाने का कार्य किया गया है। हाल के मामले में पीवार काटने की कार्रवाई की गई है।
अखिलेश जायसवाल
वन परिक्षेत्राधिकारी शंकरगढ़
बयान-
आपसे इस संबंध में जानकारी प्राप्त हुई है, मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मैं तत्काल इस मामले की जानकारी उपलब्ध कर कार्यवाई शुरु करुंगा।
अशोक तिवारी
एसडीओ वन
मुख्य मार्ग से लगे जंगल में साल के दर्जनों पेड़ कट गए, रेंजर साहब बेखबर शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र कार्यालय से कुछ दूर देखने को मिल रहा ऐसा नजारा

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