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छत्तीसगढ़

हत्या के विरोध में स्वस्फूर्त बंद रहा शहर, दर्जी के हत्यारों को फांसी देने उठी आवाज उदयपुर में हुए हत्याकांड को लेकर हिंदू संगठनों ने जमकर आक्रोश व्यक्त किया अपर कलेक्टर को भारत के राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन


अंबिकापुर। राजस्थान के उदयपुर में दर्जी की निर्मम हत्या के विरोध में शनिवार को सरगुजा में विश्व हिंदू परिषद, हिंदू एकता मंच ने नगर बंद का आह्वान किया था, जो स्वस्फूर्त सफल रहा। नगर के व्यवसायियों की दुकानें सुबह से ही बंद थीं। सरगुजा जिले के उदयपुर, बतौली, सीतापुर, लखनपुर में भी बंद को व्यापक समर्थन मिला। बंद को भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक व व्यापारिक संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया था। जिले भर में दुकानों के स्वस्फूर्त बंद रहने से कहीं दुकानों को बंद करवाने मशक्कत नहीं करनी पड़ी। विश्व हिंदू परिषद व हिंदू युवा एकता मंच के कार्यकताओं ने शहर के गांधी चौक से घड़ी चौक तक दोपहर लगभग एक बजे जमकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्वयं पुलिस अधिकारी दल-बल के साथ शांति व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए प्रयासरत नजर आए। चौक-चौराहों में भी पुलिस बल तैनात किया गया था। विरोध प्रदर्शन के बाद घड़ी चौक में हिंदू युवा एकता मंच ने अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान के उदयपुर में रहने वाले दर्जी कन्हैयालाल की गौस मोहम्मद व रियाज नामक व्यक्तियों के द्वारा तालिबानी तरीके से हत्या कर दी गई थी, इसके बाद वीडियो बनाकर लोगों को भयभीत करने का प्रयास किया गया, धमकी दी गई। इस घटना के सामने आने के बाद देश भर में जगह-जगह आक्रोश देखने को मिल रहा था। इस घटना की निंदा करते हुए विरोध में विश्व हिंदू परिषद ने शनिवार को नगर बंद का आह्वान किया था। पहली बार ऐसा देखने को मिला कि बंद के आह्वान मात्र पर व्यापारियों ने अपनी दुकानों का शटर डाउन रखा। होटल, ठेले तक बंद रहे। स्थिति देखकर कोरोना काल के दौरान दुकानों के बंद रहने से शहर में छाए रहने वाले सन्नाटे की याद ताजा हो गई। दोपहर एक बजे विश्व हिंदू परिषद के साथ भारतीय जनता पार्टी, हिंदू युवा एकता मंच के अलावा अन्य हिंदू संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता दुर्गा मंदिर में एकत्रित होकर रैली की शक्ल में नारेबाजी करते हुए घड़ी चौक तक पहुंचे। यहां पहले से जिला प्रशासन व पुलिस की टीम द्वारा तैनात थी। नारेबाजी करते रैली में शामिल लोग घड़ी चौक के पास पहुंचे, यहां पुलिस ने इन्हें रोक लिया। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोग दर्जी कन्हैया लाल के हत्यारों को फांसी दो, जैसे नारे लगा रहे थे। आरोपितों को जल्द से जल्द सजा मिले, इस मांग को लेकर उन्होंने घड़ी चौक पर अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
सौ मीटर की दूरी तय करने की मिली थी अनुमति-  
गांधी चौक से घड़ी चौक तक पहुंचा हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं का हुजूम आते देख अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला, नगर पुलिस अधीक्षक अखिलेश कौशिक व कोतवाली, गांधीनगर थाने की पुलिस पहले से ही सावधान थी। रस्सी का घेरा लगाकर रखा गया था ताकि वे विरोध प्रदर्शन के लिए मिली अनुमति के दायरे से बाहर न जाने पाएं। घड़ी चौक पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं का हुजूम देवीगंज रोड की ओर जाने की कोशिश में था लेकिन पुलिस ने बलपूर्वक इन्हें रोकने पूरी ताकत झोंक दी। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों सेी पुलिस की आगे बढऩे को लेकर जोर-आजमाइश भी हुई, लेकिन पुलिस ने इन्हें आगे बढऩे की अनुमति नहीं दी। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद व हिंदू एकता मंच के कार्यकर्ताओं ने घड़ी चौक पर मौजूद अपर कलेक्टर अमृतलाल ध्रुव को ज्ञापन सौंपा।
निजी स्कूल के बाहर पुलिस के साथ हुई झूमाझटकी-
राजस्थान, उदयपुर में हुए हत्याकांड को लेकर सरगुजा बंद रहा। इस दौरान कुछ निजी संस्थान स्वस्फूर्त बंद रहे, तो कुछ संस्थाओं में चहारदीवारी के अंदर शैक्षणिक व अन्य गतिविधियों का संचालन हो रहा था। शहर में बंद की स्थिति देखने निकले संगठनों को इस दौरान पता चला कि होलीक्रॉस स्कूल में कुछ गतिविधियां संचालित हो रही है। आयोजन में सरगुजा जिले की पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता आईपीएस स्वयं अतिथि थीं। इधर संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता  स्कूल बंद कराने पहुंचे। स्कूल के बाहर पहले से पुलिस बल तैनात था। स्कूल बंद कराने पहुंचे कार्यकर्ताओं को इस दौरान पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे स्कूल का गेट खुलवाने के लिए दम-खम लगा रहे थे। काफी कोशिश के बाद भी ये अपने प्रयास में सफल नहीं हो पाए। स्कूल के बाहर जमा भीड़ की जानकारी कार्यक्रम में मौजूद पुलिस अधीक्षक को मिली तो उन्होंने फोन से अधीनस्थों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
सब्जी बाजार बंद रहा, जरूरी सेवाएं चालू रहीं-
हत्याकांड के विरोध में नगर बंद के दौरान जरूरी सेवाओं पर किसी प्रकार का असर नहीं पड़ा। दूध, फल, पेट्रोल पंप और दवाई दुकान जैसी जरूरी सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया था। नगर का सबसे बड़ा मंडी बाजार और गुदरी बाजार में सब्जी दुकानों में ताले लटके रहे। पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था के कारण किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं बनी। अधिकांश शासकीय स्कूलों का बिना किसी गतिरोध के संचालन हुआ।
गांधीनगर-भगवानपुर व्यापारी संघ का मिला समर्थन-
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शहर के गांधीनगर-भगवानपुर व्यापारी संघ ने बंद का समर्थन किया। सुबह से गांधीनगर एवं भगवानपुर क्षेत्र के समस्त व्यवसायी विरोध स्वरूप अपने प्रतिष्ठानों को बंद कर नंदनीय घटना का विरोध किए। गांधीनगर व्यापारी संघ के सदस्य एवं पदाधिकारियों ने क्षेत्र में घूम-घूमकर बंद का जायजा लिया। बंद को सफल बनाने के लिए गांधीनगर-भगवानपुर व्यापारी संगठन के अध्यक्ष रविंद्र गुप्त भारती, मोहन मनवानी, योगेंद्र माथुर, सुशील गुप्ता, राजेश पाठक, कलाचंद साहू, रविंद्र पाठक, संतोष गुप्ता, गणेश प्रसाद, रितेश तिवारी, भजन, सोनू जायसवाल, निरंजन एवं सुशांत घोष सक्रिय रहे।
भैयाथान में भी दुकानें बंद रही-

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