अंबिकापुर। पांच माह की गर्भवती महिला के पेट में बच्चे की मौत के बाद तबीयत बिगड़ते देख उसे जिला अस्पताल सूरजपुर के लिए चिकित्सक ने रेफर कर दिया था। रेफर केस को संजीवनी 108 के पॉयलट व ईएमटी लेकर सूरजपुर जा रहे थे, रास्ते में उसे असहनीय दर्द होने लगा और एंबुलेंस के कर्मचारियों ने रास्ते में मृत बच्चे का प्रसव कराया, जिससे उसे राहत मिली।
जानकारी के मुताबिक ग्राम झिलमिली, भैयाथान निवासी कुसमा पति लक्षण 22 वर्ष के पेट में अचानक दर्द होने पर उसे भैयाथान अस्पताल लाया गया था, जो पांच माह की गर्भवती थी। डॉक्टर टीएस डॉयमा ने महिला को चेक करने के बाद प्राथमिक उपचार किया। जांच में पता चला कि बच्चा पेट में ही खत्म हो गया है। आनन-फानन मे डॉक्टर ने उसे जिला चिकित्सालय सुरजपुर रेफर कर दिया और संजीवनी 108 एंबुलेंस को फोन करके बुलाया। जिला अस्पताल जाते समय रास्ते में तबीयत और खराब होने लगी, इसके बाद ईएमटी विजय गौतम रास्ते में महिला का उपचार करते जिला अस्पताल सूरजपुर जा रहे थे। महिला को असहनीय दर्द हुआ और ईएमटी ने कुसमा से तबीयत कि जानकारी लेकर अपने विवेक से सफलता पूर्वक मृत बच्चे की डिलेवरी कराई, इससे उसकी जान बच गई। ईएमटी विजय गौतम के साथ मौजूद पायलट ऋषि कुशवाहा ने डिलेवरी के बीच अस्पताल समय पर पहुंचने के चक्कर में कहीं भी गाड़ी को नहीं रोका। दोनों ने महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
डॉ.आरएन गुप्ता प्रभारी सीएमएचओ बनाए गए
अंबिकापुर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला सरगुजा डॉ.पूनम सिंह सिसोदिया 30 जून को सेवानिवृत्त हो गए, उनके स्थान पर सिविल सर्जन डॉ.आरएन गुप्ता को प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का प्रभार सौंपा गया है। छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य सेवाएं संचालक ने उक्ताशय का आदेश जारी कर दिया है।
