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छत्तीसगढ़

अग्निपथ योजना से उद्योगपतियों के उद्योग-धंधों के सुरक्षा के लिए पैदा होंगे चौकीदार सेना में भर्ती के लिए लागू अग्निपथ योजना के खिलाफ जिला कांग्रेस कमेटी ने किया सत्याग्रह, सभा का आयोजन



अंबिकापुर। केंद्र की मोदी सरकार के द्वारा सेना में भर्ती के लिए लागू की गई अग्निपथ योजना के खिलाफ अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को नगर के गांधी चौक में सत्याग्रह तथा सभा का आयोजन किया। सशस्त्र बलों की लंबे समय से चली आ रही परंपरा एवं लोकाचार को नष्ट करने तथा उनके मनोबल का अवमूल्यन करने के कारण पूरे देश में अग्निपथ योजना का विरोध हो रहा है। केंद्र सरकार बिना किसी परामर्श के इस गलत नीति को जिस तरह से युवाओं पर थोप दी है, इससे युवा वर्ग नाराज हैं। युवाओं को सेना में अपना भविष्य अंधकार  में दिख रहा है। इसी संदर्भ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर लगातार धरना, आंदोलन और सत्याग्रह करने का निर्णय लिया गया है। सोमवार को हुए सत्याग्रह में जिला व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता सहित जिले के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों से आए युवा काफी संख्या में शामिल हुए।
सत्याग्रह सभा को संबोधित करते हुए औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि दो वर्षों तक देश कोरोनाकाल के दौर से गुजरा, उस समय किसी को कोई नौकरी नहीं मिल पाई। देश का युवा बहुत ही अपेक्षा कर रहा था कि केंद्र सरकार भारी तादाद में नौकरी के अवसर देगी। प्रतिवर्ष 70 हजार से ज्यादा सैनिक सेना से रिटायर्ड होते हैं वहां भी उन्हें जाने का मौका मिलेगा, किंतु केंद्र की तानाशाह मोदी सरकार ने युवाओं के साथ बड़ी साजिश की है। वह उद्योगपतियों की गुलाम है। वह चार वर्ष वाली नौकरी अग्निपथ योजना लागू करके युवाओं के कैरियर को बर्बाद करना चाह रही है। चौकीदार पैदा करना चाह रही है, ताकि ये युवा सेना से निकलने के बाद मोदीजी के उद्योगपति मित्र अदानी, अंबानी के सार्वजनिक उपक्रमों तथा अन्य गलत उद्योग धंधों की सुरक्षा के लिए चौकीदारी का काम कर सकें, जो अत्यंत दुर्भाग्यजनक व चिंताजनक है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा मोदीजी देश नहीं चल पा रहे हैं। बेरोजगारी को लेकर युवाओं में जो आक्रोश फैला है उसे कम करने के लिए अग्निपथ योजना लाई गई है। पूरी बेशर्मी से भाजपा के नेता अग्निवीरों को अपने भाजपा कार्यालय में चौकीदार बनाने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं, जो अत्यंत निंदनीय है। सत्याग्रह सभा को 20 सूत्रीय क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल, नगर पालिक निगम अंबिकापुर के मेयर डॉ.अजय तिर्की, प्रशांत सिंह, सत्येंद्र तिवारी, दुर्गेश गुप्ता, अशफाक अली, मदन जयसवाल, सतीश बारी, मधु दीक्षित, संध्या रवानी, हेमंती प्रजापति, निखिल विश्वकर्मा, दीपक मिश्रा, अविनाश ठाकुर, श्यामलाल जयसवाल, लक्ष्मी गुप्ता ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन पार्षद प्रमोद चौधरी तथा आभार प्रदर्शन ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हेमंत सिन्हा ने किया। सत्याग्रह सभा में वरिष्ठ कांग्रेसी मो.शफीक खान, मुनेश्वर राजवाड़े, सैयद अख्तर हुसैन, अनिल सिंह, दिलीप धर, इंद्रजीत सिंह धंजल, अमित सिंह, कलीम अंसारी, पंकज शुक्ला, रियाजुल फिरदौसी, बाबू सोनी, चुनमुन तिवारी, रजनीश, जवाहर सोनी, काजू खान, संजय सिंह, नीतीश चौरसिया, चुन्ना, विक्की सिंह, विकास शर्मा, बबन सोनी, प्रकाश शर्मा, बाबर इदरीसी, चंद्रप्रकाश, मंजू सिंह, गीता श्रीवास्तव, पूर्णिमा सिंह, सुमन बेक, आनंदी तिग्गा, कुसुम मिंज, रेणुका पाठक, उर्मिला कुशवाहा, शारदा पांडेय, हमीदा बानो, दिलीप मिंज, राहुल, दीपक दास सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे।
जनहित विरोधी योजनाओं से जनता हो रही प्रताडि़त-शफी
श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष शफी अहमद ने कहा जब से केंद्र में मोदी सरकार आई है, तब से केवल जनहित विरोधी योजनाएं लाकर देश की जनता को परेशान व प्रताडि़त किया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण कानून, तीन काले कृषि कानून विरोध के कारण इनको वापस लेना पड़ा, इसी तरह अग्निपथ योजना भी इन्हें वापस लेना पड़ेगा। देश की सुरक्षा में जान की बाजी लगाकर काम करने वाले युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का जो दुस्साहस मोदी सरकार ने किया है, उसका कांग्रेस अंतिम दम तक प्रखर विरोध करेगी। नोटबंदी और जीएसटी जैसे गलत कदमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 330000 करोड़ रुपये का कर्जा उद्योगपतियों का माफ कर दिया, किंतु किसानों का कर्ज माफ नहीं किया। इस कारण देश की अर्थव्यवस्था नाजुक दौर पर पहुंच चुकी है। महंगाई और बेरोजगारी चरम स्थिति पर है। इन सबसे ध्यान हटाने के लिए अग्निपथ योजना लाई गई है।
मूर्खतापूर्ण निर्णय से अरबों का नुकसान-द्वितेंद्र  
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री द्वितेंद्र मिश्र ने कहा कि प्रजातांत्रिक व्यवस्था में किसी भी बड़ी योजना को लागू करने के पहले संसद और समाज के सभी लोगों से राय व सहमति ली जाती है, किंतु वर्तमान में निरंकुश सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर किसी भी योजना को अचानक लागू कर देती है। परिणाम स्वरूप उस योजना के विरोध में देश में हिंसा तथा आक्रोश का तांडव शुरू हो जाता है। विध्वंस, आगजनी, तोडफ़ोड़ और अराजकता से अरबों रुपये का नुकसान होता है, वह जनता का ही होता है। अग्निपथ योजना से नाराज युवाओं ने कई रेलवे स्टेशन तथा रेलगाडिय़ों को आग लगा दी। यह सब किसी देश के शासक के मूर्खतापूर्ण निर्णय के कारण ही हुआ है।
अग्निपथ योजना के विरोध में एनएसयूआई  ने दिया धरना  

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