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छत्तीसगढ़

आरक्षण के प्रावधान के बाद भी पण्डो जनजाति के लोग नौकरी के लिए भटक रहे



अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ सरकार के निर्देशानुसार 20 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान के बाद भी सरगुजा जिले में पण्डो विशेष पिछड़ी जनजाति के युवाओं को तृतीय, चतुर्थ श्रेणी में नौकरी के लिए भटकना पड़ रहा है। विशेष पिछड़ी जनजाति के पदाधिकारियों द्वारा कई बार अधिकारियों को इससे अवगत कराया गया, लेकिन आज भी ये नौकरी के लाभ से वंचित हैं।
सरगुजा जिले की विशेष पिछड़ी जनजाति के युवाओं को नौकरी नहीं मिलने से उनमें हताशा की स्थिति बन रही है। छत्तीसगढ़ के मूल निवासी को उनके आरक्षण कोटे के तहत सहायक शिक्षकों के पदों पर लगभग 14,500 वेतनतान में नियुक्ति दी जा रही है एवं सभी को आरक्षण का लाभ मिल रहा है, लेकिन पण्डो विशेष पिछड़ी जनजाति जो राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र हैं, इनकी अनदेखी हो रही है। जो कि हमारे पण्डो विशेष पिछड़ी जनजाति तृतीय, चतुर्थ श्रेणी पदों पर अगर विज्ञापन किसी पद के लिए जारी किया जाएगा तो 20 प्रतिशत आरक्षण के तहत एसटी कोटे में छग शासन के निर्देशानुसार सीधी नियुक्ति का प्रावधन है। प्रभारी कलेक्टर विनय कुमार लहंगे का कहना है कि विशेष पिछड़ी जनजाति के द्वारा 20 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है। जिला शिक्षा अधिकारी को अवगत कराया गया है कि राज्य कार्यालय से संपर्क कर इनकी समस्याओं का निराकरण किया जाए ताकि विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को आरक्षण का लाभ मिल सके।

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