अंबिकापुर। हसदेव अरण्य की प्रशासनिक दबाव के साथ कटाई का स्थानीय आदिवासी पुरजोर विरोध कर रहे हैं, इसके बाद भी आदिवासियों के हसदेव अरण्य बचाओ आंदोलन को दरकिनार कर स्थानीय कांग्रेस की सरकार प्रशासनिक अमले से चोरी-छिपे जंगल की कटाई का आदेश दे वन आश्रित ग्रामीणों के साथ दुर्लभ जीव-जंतुओं के जान से खिलवाड़ कर रही है। हसदेव अरण्य को बचाने आंदोलन कर रहे आदिवासियों की आवाज बुलंद करने भाजपाई भी मैदान में उतर गए हैं और प्रदेश की जंगलीय अद्भुत संस्कृति को बचाने का संकल्प ले आदिवासियों की सुरक्षा के साथ जमीनी धरना-प्रदर्शन कर रही है।
इसी कड़ी में सरगुजा जिले के ग्राम हरिहरपुर में मांइस प्रभावित संघर्षरत आदिवासियों के धरने में भाजपा प्रदेश मंत्री विजय शर्मा, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य व कोरबा जिला प्रभारी विक्रांत सिंह ठाकुर, भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के सह संयोजक संजू नारायण सिंह ठाकुर, भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष चिंटू राजपाल, भाजयुमो के पूर्व जिला उपाध्यक्ष विजय व्यास सहित सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता घंटों धरने में आदिवासियों के साथ बैठे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ के उत्तरी कोरबा, दक्षिणी सरगुजा और सूरजपुर जिले के बीच स्थित करीब एक लाख 70 हेक्टेयर में फैला वनाच्छिदत क्षेत्र हसदेव अरण्य जैव विविधता के लिए पूरे विश्व में जाना जाता है। यह विशाल वन स्थानीय आदिवासियों सहित विविध दुर्लभ जीव-जंतुओं के जीवकोपार्जन का एक मात्र साधन है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने तानाशाही फैसला देते हुए जंगल काटने का निर्णय लिया है। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सत्ता में आते ही जनता से किए अपने वायदे को भूल गए हैं। इतना ही नहीं कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी भी प्रदेश के आदिवासियों के साथ किए गए वादे को भूल गए हैं। प्रदेश की भूपेश सरकार पैसा कमाने की लालच में अपनी ही प्राचीनतम संस्कृति के साथ खिलवाड़ कर रही है। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने कहा कि जंगल को बचाने के लिए अपनी जान तक दांव पर लगा देंगे और इस लड़ाई में आदिवासियों के साथ शामिल रहेंगे।
हसदेव अरण्य को बचाने आदिवासियों की बुलंद आवाज बने भाजपाई कांग्रेसियों को राहुल का वादा याद दिलाया, सत्ता पाते ही नैतिक पतन का लगाया आरोप

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