अंबिकापुर। पंचायत एवं स्वास्थ मंत्री टीएस सिंहदेव के विरोध के बाद परसा कोल ब्लॉक के लिए आयोजित ग्रामसभा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है। छह जून को स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव द्वारा परसा कोल ब्लॉक में राजस्थान विद्युत निगम द्वारा खनन करने पर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए विरोध कर रहे ग्रामीणों के बीच पहुंचे थे। इसके बाद सात जून को प्रभारी कलेक्टर द्वारा आठ जून को आयोजित की जाने वाली ग्रामसभा को स्थगित कर दिया गया था।
प्रदेश के पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने छह जून को हसदेव अरण्य क्षेत्र के घाटबर्रा, हरिहरपुर, सालही, बासेन जाकर वहां परसा कोल ब्लॉक का विरोध कर रहे लोगों से मुलाकात कर उनके विरोध को सही बताया था। साथ में यह भी कहा था कि अगर गोली-डंडा चला तो पहली गोली-डंडा वो खाएंगे। पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री के इस बयान के बाद प्रभारी कलेक्टर द्वारा त्वरित इसे संज्ञान में लेते हुए सात जून को ही ग्रामीणों के पुनर्वास एवं पुनव्र्यवस्थापन के लिए आयोजित ग्राम सभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया था। पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री के कड़े तेवर के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने निर्देश दिया था कि अगर सिंहदेव नहीं चाहते तो पेड़ क्या वहां उनकी मर्जी के बिना एक डगाल भी नहीं कटेगा। चूंकि स्वास्थ मंत्री सिंहदेव स्थानीय विधायक हैं, वो नहीं चाहते कि राजस्थान विद्युत निगम की कोल माइनिंग परसा कोल ब्लॉक में हो, इसलिए ग्राम सभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। जब तक टीएस सिंहदेव की सहमति नहीं होगी, तब तक आगे किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
परसा कोल ब्लॉक के लिए आयोजित ग्रामसभा अनिश्चित काल के लिए स्थगित मंत्री टी.एस. सिंहदेव के विरोध के बाद लिया गया निर्णय

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