samvaad
छत्तीसगढ़

पखवाड़े भर में केंद्रीय जेल में चार बंदियों की मौत, अस्थायी जेल वार्ड में बेड फुल


अंबिकापुर। केंद्रीय जेल अंबिकापुर के एक बंदी की पुन: मौत हो गई। बुधवार की सुबह उसे जेल अस्पताल से मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया था, महज दस मिनट के अंतराल में चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। देखा जाए तो 15 दिनों के बीच यहां चौथे बंदी की मौत हुई है। वहीं मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आठ बेड वाले बंदियों के वार्ड में एक दर्जन से अधिक बंदी विभिन्न बीमारियों से पीडि़त होने के कारण भर्ती किए गए हैं। बुधवार को लगभग एक दर्जन बंदियों को स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया था। नौतपा के बीच सात दिन राहत के बाद एक बार फिर भीषण गर्मी का एहसास नौतपा के आठवें दिन हुआ है, ऐसे में केंद्रीय जेल के बैरक जिसमें क्षमता से ढाई गुणा कैदियों का रहना होता है, वहां की स्थिति का आंकलन किया जा सकता है। एक निर्धारित समय में इन्हें बैरकों के अंदर ही समय गुजारना पड़ता है। हालात ऐसे भी बनते हैं कि जेल के अस्पताल में भी बंदियों को भर्ती करने के लिए बेड कम पड़ जाते हैं।  
सजायाफ्ता बंदी की मौत
केंद्रीय जेल से एक जून की सुबह 5.50 बजे हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक बंदी को अत्यंत गंभीर स्थिति में जेल के कर्मचारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां जांच के बाद छह बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया। चंदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम रूनियापानी भेडिय़ा का शिवनाथ पिता शिवरतन गोड़ 48 वर्ष 10 दिसंबर 2014 से उप जेल सूरजपुर में धारा 302, 201 के मामले में निरूद्ध था। 29 अप्रैल 2015 को उसे न्यायालय प्रतापपुर के द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद दो मई 2015 को उसे केंद्रीय जेल में शिफ्ट किया गया था। बुधवार, एक जून की सुबह तबीयत बिगडऩे पर उसे जेल के चिकित्सक द्वारा रेफर करने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, यहां उसे चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया था। 

Leave a Reply