विभाग,रायपुर द्वारा आगामी 01 जून से 05 जून 2022 तक के प्राप्त मौसम पूर्वानुमान आंकड़ो के अनुसार & अगले पांच दिनों में छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला क्षेत्र के आसमान में मुख्यतः साफ़ से सामान्यत: घने बादल छाये रह सकते है एवं वर्षा होने की संभावना नहीं हैं । जिले मे अधिकतम तापमान लगभग 39-42 °C रहने की संभावना है ,एवं न्यूनतम तापमान 25-26°C रह सकता है । सुबह हवा में 70-75 प्रतिशत एवं दोपहर को 20-35 प्रतिशत नमी रहने की संभावना है । आने वाले दिनो में हवा मुख्यत; उत्तर – पश्चिम दिशा से चलने की संभावना है, तथा इसकी गति लगभग 4-8 किलो मीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है ।
कृषि मौसम वैज्ञानिक श्री यमलेश कुमार निषाद ने आगामी समय के ज्ञात आकड़ो के अनुसार बताया कि आने वाले दिनों में सामान्यत: घने बादल छाए रहने, उच्च तापमान, उच्च आर्द्रता, उमस जैसी स्थिति कि संभावना को ध्यान में रखते हुए किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि काटी गई धान, ग्रीष्मकालीन दलहन, तिलहन फसल को सुरक्षित स्थानों में रखें, गन्ना एवं उद्यानिकी फसलो में क्रांतिक अवस्था के आधार पर आवश्यकतानुसार सिंचाई करें l खरीफ फसल की बोनी के पूर्व खेतों में लगने वाले कृषि यत्रं एवं उपकरणों की व्यवस्था कर आवश्यक मरम्मत कर लेवें । खेत की गहरी जुताई करे जिससे मृदा जनित खरपतवार, बीमारी एवं कीड़ों के अंडे नष्ट हो जांए। किसान भाइयो को सलाह है कि खरीफ में जिन फसलों की बुवाई करनी हो उनकी उन्नतशील जातियों के बीजों की व्यवस्था जरुर कर लेंवें । खेतो तक अच्छी सड़ी गोबर खाद को पहुचाना प्रारंभ करे l खेतो के मेढ़ो की मरम्मत करें l वर्तमान मौसम में बढ़ते तापमान एवं उच्च आर्द्रता को देखते हुए मवेशियों में गलघोटू एवं लंगड़ी रोग जनको के प्रसार होने की संभावना है अत: पशुचिकित्सक से संपर्क कर अपने मवेशियों को गलघोटू एवं लंगड़ी रोग का टीकाकरण करवाये। यदि पशुओ को लू लग जाये तो पर छायादार जगह ले जाकर गीले कपड़े से पुरे शरीर को बार-बार पोछे। पशुओ को निर्जलीकरण से बचाने के लिए एक लीटर पानी में चार-पांच चम्मच शक्कर एवं एक चौथाई चम्मच नमक का घोल बनाकर हर आधा एक घंटे में पिलाएं तथा पशु चिकित्सक से संपर्क करें l मछली पालक भाइयो को सलाह दी जाती है की जल निकास मार्ग को साफ सुधरा करें अनावश्यक जलीय खरपतवारो का नियंत्रण करें एवं मेढ़ो को दुरुस्त करें l
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ जी.पी.पैंकरा , कीट विज्ञान विभाग के अनुसार कद्दू के लाल कीट नियंत्रण हेतु इमिडाक्लोरपिड का स्प्रे (8 मि.ली. प्रति स्प्रेयर) करें। टमाटर, बैगन, मिर्च, भिन्डी एवं अन्य सब्जी वाली फसल में निंदाई गुडाई करे एवं आवश्कतानुसार सिंचाई कर नत्रजन उर्वरक की मात्रा देवें। वातावरण में तापमान को देखते हुए सिंचाई की दर बढा देवे। उद्यानिकी फसल मुख्यत: फल उद्यान (बाग) लगाने के इच्छुक किसान गड्डे (1x1x1मीटर) तैयार कर उपचार हेतु खुले रखकर धूप दिखायें, साथ ही फल वृक्षों के किस्मों का चयन कर पौध लाने की व्यवस्था करें।
वैज्ञानिक डॉ सचिन जायसवाल, कीट विज्ञान विभाग के अनुसार साफ़ मौसम होने पर कीटनाशक, रोगनाशक या उर्वरको की अनुसंशित मात्रा का भुरकाव या छिडकाव किसान भाई कर सकते हैं इसके अतिरिक्त मधुमक्खी पालको को मधुमक्खी के लिए कृत्रिम भोजन (1:1 शक्कर और पानी) का घोल बनाकर भोजन पात्र में आवाश्यक्तानुसार दें l समय-समय पर मधुमक्खी पेटी की साफ सफाई 10:15 दिन के अंतराल पर करें साथ ही मोमी कीट दिखाई देने पर उसकी सफाई करें l मिटटी के बने बर्तन/ प्लास्टिक के कटोरी में साफ एवं ताजा पानी दें l ततैया दिखाई देने पर ततैया का नियंत्रण करें l
ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के नोडल अधिकारी एवं वैज्ञानिक डॉ रंजित कुमार ने बताया कि ग्रामीण कृषि मौसम सेवा एवं भारत मौसम विज्ञान

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