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छत्तीसगढ़

बीएसएफ के जवान का तिरंगे में लिपटा शव पहुंचा, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार अंतिम विदाई देने स्वजनों के साथ पुलिस-प्रशासन के अफसर, नगरवासी व मित्रगण पहुंचे वर्ष 2002 में बार्डर सिक्योरिटी फोर्स में हुआ था भर्ती, हार्टअटैक से हुई मौत


अंबिकापुर। अंबिकापुर निवासी बीएसएफ के जवान की इलाज के दौरान हृदयगति रुकने से मौत हो गई। स्वजनों के साथ दिल्ली से हवाई मार्ग से सेना के जवान का शव रायपुर लाया गया, इसके बाद सड़क मार्ग से विशेष वाहन में अजीत कुमार मांझी का शव पैतृक निवास अंबिकापुर लेकर स्वजन व सेना के जवान पहुंचे। यहां काफी संख्या में लोग बीएसएफ में लंबे समय से सेवा दे रहे अजीत के शव के आने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही शव मृतक के निवास में पहुंचा, वहां का माहौल गमगीन हो गया। सहपाठी, परिचित सभी उसकी एक झलक देखने के लिए आतुर थे। तिरंगे में लिपटे बीएसएफ के जवान का शंकर घाट स्थित मुक्तिधाम में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। उन्हें श्रद्धांजलि देने हर वर्ग के लोग पहुंचेे। जवान की मौत 24-25 मई की दरम्यानी रात को इलाज के दौरान हुई थी। मुखाग्नि 12 वर्षीय पुत्र ने दी।
दो दशक पहले फोर्स में हुए थे भर्ती-
अजीत कुमार मांझी वर्तमान में जम्मू के बीएसएफ आइनगर हेडक्वार्टर के 51वीं जी कंपनी में पदस्थ थे। ड्यूटी के दौरान ही उनकी तबीयत बिगड़ी थी, जिसका इलाज हुआ और वो ठीक हो गए थे। पुन: तबीयत खराब होने के बाद अजीत को बीएसएफ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान हार्ट अटैक आया और उनका निधन हो गया। निधन के दौरान अजीत की पत्नी बच्चे और मां-पिता उनके साथ थे। अजीत वर्ष 2002 में बार्डर सिक्योरिटी फोर्स में भर्ती हुए थे।
विमान से रायपुर लाया गया शव
बीएसएफ के जवान अजीत कुमार मांझी के निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर जम्मू से विमान से दिल्ली भेजा गया, यहां से दूसरी फ्लाइट में पार्थिव शरीर को रायपुर भेजा गया। रायपुर आने के बाद पार्थिव शरीर सड़क मार्ग से विशेष वाहन से भेजा गया। शव के आने की सूचना स्थानीय पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को मिल चुकी थी, इसे देखते हुए शंकरघाट के मुक्तिधाम में राजकीय सम्मान की तैयारियां पूरी कर ली गई थी।
अंतिम विदाई देने उमड़े लोग
शव पहुंचने के बाद अंतिम यात्रा से लेकर पंचतत्व में विलीन होने तक सरगुजा जिले के प्रशिक्षु आइपीएस अधिकारी, एडीएम अमृत लाल ध्रुव, एसडीएम प्रदीप कुमार साहू, कोतवाली थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह समेत काफी संख्या में पुलिस बल मुक्तिधाम में मौजूद रहे। मुक्तिधाम में ही बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर दलबीर सिंह की अगुवाई में बीएसएफ के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। मौजूद अधिकारियों ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर सेना के जवान को श्रद्धांजलि दी। अजीत कुमार मॉझी (राजू) इसी साल 20 वर्ष सेना की नौकरी पूरी करके सेवानिवृत्त होने वाले थे। बताया जा रहा है कुछ दिन पहले ही वे अंबिकापुर स्थित अपने घर आए थे।  

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