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छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री के निर्देश को ठेंगा दिखाता शिक्षा विभाग—————————————-भेंट मुलाकात में बिहारपुर के ग्रामीणों ने सीएम से की थी शिक्षकों के स्कूल नहीं आने की शिकायत 0 मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को बदलने हेतु दिए थे निर्देश


सूरजपुर। क्या शिक्षा विभाग में सीएम की नही चलती…..?यह सवाल बिहारपुर क्षेत्र के लोगो के है। सवाल यूँ ही नही है इसके कारण भी है। पिछले 7 मई को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भेंट मुलाकात अभियान के दौरान भटगांव विधानसभा क्षेत्र के बिहारपुर में पहुँचे थे जहाँ के लोगो ने तमाम समस्याएं गिनाई जिनमे शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी थी। ग्रामीणों ने बताया था कि यहां के स्कूलों में शिक्षक नही आते,कई स्कूल तो ऐसे है जहाँ शिक्षको ने बच्चों को पढ़ाने के लिए ठेके पर आदमी रखे है।जो स्कूल आकर बच्चों को केवल अक्षर ज्ञान करा दे रहे है। इन शिकायतों को मुख्यमंत्री ने काफी गम्भीरता से लिया और मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को इस पर ध्यान देने को कहा।लेकिन दूसरे दिन इस दौरे के बाद मुख्यमंत्री ने जब अधिकारियों की बैठक ली तो इस मामले में उन्होंने बेहद तल्ख अंदाज में शिक्षा विभाग की खिंचाई करते हुए कहा था कि यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि बिहारपुर क्षेत्र में एविजिदार पढा रहे है।मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में शिक्षा विभाग से कह दिया था कि ऐसे शिक्षको को तत्काल बदल दे। यहीं नही उन्होंने वर्षो से जमे लोगो पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सीएम के इस निर्देश तल्ख अंदाज को लगभग एक पखवाड़े से अधिक होने को है पर शिक्षा विभाग के लिए सीएम का निर्देश आई गई बात हो गई लगता है।यही वजह है कि अब तक बिहारपुर के एक भी शिक्षक को न तो बदला गया है और न किसी पर कारवाई हुई है। ऐसे में बिहारपुर के लोग यह कहने से नही चूक रहे है कि यहां पदस्थ शिक्षक बेहद पावरफुल है।जब सीएम से शिकायत के बाद भी उनका बाल बांका नही हो सकता तो फिर किससे उम्मीद करें…?ऐसे में ग्रामीणों के मन मे यह सवाल तब और उठ रहा जब सीएम के भेंट मुलाकात कार्यक्रम में अब तक सबसे ज्यादा कारवाई सूरजपुर जिले में ही हुई है।जहाँ जिला पंचायत सीईओ से लेकर डीएफओ,रेंजर,डाक्टर सहित कई अन्य पर गाज गिरी है।पर शिक्षा विभाग में मुख्यमंत्री की नही चलती तभी तो आज तक कुछ नही हो पा रहा।बिहारपुर क्षेत्र में वर्षो से शिक्षा का बुरा हाल है और यहां वर्षो से कई ऐसे शिक्षक अंगद की तरह जमे है पर वे स्कूल कभी नही जाते बल्कि वे खुद अम्बिकापुर व सूरजपुर आदि में रह कर नोकरी कर रहे है।यहां तक कई स्कूल तो ऐसे है जो खास मौकों पर ही खुलते हैं जैसे 15 अगस्त,26 जनवरी आदि…!इस तरह की खबरे कई बार सुर्खियां भी बनी है पर आज तक कारवाई नजीर नही बनी है जिससे हौसले बुलंद रहना लाजिमी है।इससे ग्रामीण इस बात को लेकर हताश है कि उनके बच्चों का भविष्य भगवान भरोसे ही रहना है यही उनकी नियति भी है।हो रहा पालन…….!इस सम्बंध में जिला शिक्षा अधिकारी विनोद राय का कहना है कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर पहल की जा रही है।अब तक क्या जैसे सवाल पर कहते है कि जांच की जा रही है। आगे के सवाल पर वे कहते है कि ऐसे शिक्षको को चिन्हांकित कर लिया गया है सूची तैयार की जा रही है।संख्या के सवाल को भी यह कह कर टाल गए कि इससे नेता गिरी शुरू हो जाएगी।कार्रवाई कब तक सामने आएगी यह अभी बताना मुश्किल है।

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