रामानुजगंज। बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत भीतरचुरा के आश्रित ग्राम धनवार में करीब 200 की संख्या में पंडो जनजाति के लोग निवास करते हैं। धनवार पहुंचविहीन ग्राम था, विधायक बृहस्पत सिंह ने गांव तक पहुंचने के लिए सड़क बनवाने का वादा ग्रामीणों से किया था। इसके बाद धनवार तक सड़क का निर्माण करा दिया गया है। गांव में आंगनबाड़ी भवन, बिजली एवं अन्य विकास कार्य भी हो रहे हैं। गांव में पहुंचे विधायक बृहस्पत सिंह मंगलवार को चौपाल लगाकर ग्रामीणों से समस्याएं सुनी।
विदित हो कि ग्राम पंचायत भीतरचुरा का आश्रित ग्राम धनवार पहुंचविहीन होने के कारण विकास की मुख्यधारा से कट गया था। विधायक बृहस्पत सिंह गांव का दौरा करने मोटरसाइकिल से एवं पैदल जैसे-तैसे पहुंचते थे। विधायक ने ग्रामीणों से वादा किया था कि उनके गांव तक पहुंचने का रास्ता वे बनवाएंगे, इसके बाद उनकी पहल पर धनवार तक पहुंचने का रास्ता बना, वहीं गांव में विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ। ग्राम धनवार में विकास कार्यों का जायजा लेने पहुंचे विधायक ने पेड़ की छांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी।
40 वर्ष पुराने दोस्त से हुई मुलाकात, कहा सपना पूरा हुआ-
चालीस वर्ष पहले विधायक बृहस्पत सिंह ग्राम धनवार पैदल दुर्गम पहाडिय़ों के रास्ते से पहुंचे थे। इस दौरान अपने दोस्त देवदत्त सिंह पटेल के साथ वे गांव घूमे थे और गांव तक सड़क बनवाने की बात कही थी। इस दौरान लोगों ने खिल्ली उड़ाते हुए कमेंट किया था कि इनका दिमाग खराब हो गया है कहां दुर्गम पहाडिय़ों के बीच सड़क बनेगा। सड़क बनने के बाद जब बृहस्पत सिंह गांव में पहुंचे तो 40 साल पुराने दोस्त देवदत्त सिंह पटेल भी बृहस्पत सिंह की कही बातों को याद करते हुए उनका धन्यवाद ज्ञापित करते नहीं थक रहे थे।
भीतरचुरा को बनवाया था अलग पंचायत-
विकास की मुख्यधारा से कटे भीतरचुरा को विधायक ने अलग पंचायत बनवाया था और अलग पंचायत भवन बनवाने कहा था। इस वायदे के पूरा होने पर उन्होंने पंचायत भवन में बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। यहां कई ऐसे विकास कार्य हुए जिससे ग्रामीणों को काफी सहूलियत मिल रही है।
बच्चों को अपने वाहन से घर तक छोड़ा-
विधायक बृहस्पत सिंह जब ग्राम धनवार जा रहे थे, तो कुछ बच्चे तपती धूप में पैदल जा रहे थे। उनसे विधायक ने गाड़ी रोककर पूछा कि आप लोग कहां जा रहे हो तो उन्होंने कहा कि धनवार जाना है। इसके बाद उन्होंने अपने वाहन से सहयोगी को उतारकर गाड़ी में सभी बच्चों को बैठाया और उनके घर तक छोड़कर बिस्किट, चॉकलेट का वितरण किया। सभी बच्चे बहुत खुश थे कि अब गांव तक जाने के लिए रास्ता बन गया है।
विधायक ने दुर्गम पहाडिय़ों को चीरकर बनवाया सड़क, विकास का मार्ग हुआ प्रशस्त पहले कहते थे ग्रामीण-पहाड़ पर कहां बनेगी सड़क

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