अंबिकापुर। नगर के गुदरी बाजार रोड, शिवाजी चौक से प्रतापपुर चौक की ओर जाने वाली सड़क के किनारे प्रशांत त्रिपाठी के निर्माणाधीन मकान में ईंट के ढेर में दफन महिला के शव की गुत्थी पुलिस बीस घंटे के अंतराल में सुलझाने में सफल हुई है। पुलिस ने रुपये के लेन-देन को लेकर की गई हत्या के आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेज दिया है। आरोपित व मृत महिला पूर्व में निर्माणाधीन मकान में काम कर चुके हैं।
जानकारी के मुताबिक रविवार, आठ मई को प्रशांत त्रिपाठी ने कोतवाली पुलिस को सूचित किया था कि उनके निर्माणाधीन मकान में एक महिला का शव पड़ा है, जिससे काफी दुर्गंध उठ रही है। सूचना पर सीएसपी अभिषेक कौशिक, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भारद्वाज सिंह अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे, तो शव वहां पड़े ई़ंट के ढेर से ढका हुआ था, शव के सड़-गल जाने के कारण उससे काफी बदबू उठ रही थी। पुलिस ने शव को पंचनामा के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा था और शिनाख्त के प्रयास में लगी थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने पाया कि मृतिका का शव प्रशांत त्रिपाठी के पिछले दो-ढाई महीने से बंद निर्माणाधीन मकान में था। प्रथम दृष्टया संदेहास्पद मौत का मामला पाए जाने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु गर्दन में चोट लगने के कारण होना सामने आने के बाद पुलिस ने मृतिका की पहचान हेतु ह्यूमर्स बोन, साड़ी, पेटीकोट, स्कार्प सहित अन्य चीजें जब्त की। पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव व एसपी भावना गुप्ता ने एएसपी विवेक शुक्ला व सीएसपी अखिलेश कौशिक के निर्देशन में टीम तैयार कर आरोपित की पतासाजी हेतु निर्देशित किया गया। पुलिस ने घटना स्थल के आस-पास में लगे सीसीटीव्ही के फुटेज का बारीकी से अवलोकन किया और संदेही विष्णु गिरी को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह और मृतिका सेवन्ती निवासी सलेयाडीह घोघरा थाना बतौली हाल-मुकाम चांदनी चौक अंबिकापुर साथ में लेबर, रेजा का काम करते थे। आरोपित ने मृतिका का रुपये अपने पास रख लिया था, इसे वापस मांगने की बात पर दोनों में लड़ाई-झगड़ा हो रहा था। रुपये वापस दिलाने के नाम पर वह महिला के साथ मायापुर से जनपदपारा जा रहे थे, रास्ते में मृतिका गाली-गलौज करते हुए उसे झापड मार दी, जिससे वह गुस्से में आकर निर्माणाधीन मकान में उसे ले गया और गर्दन में लात-मुक्का, ईंट से वार कर उसकी हत्या कर दिया था। हत्या के बाद शव को गड्ढे में डालकर ऊपर से प्लाई व ईंट के टुकड़े से ढक दिया था। आरोपित के द्वारा हत्या करना स्वीकार किए जाने पर पुलिस उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश की, यहां से उसे जेल भेज दिया गया है। कार्रवाई में निरीक्षक भारद्वाज सिंह, उप निरीक्षक प्रमोद पांडेय, सरफराज फिरदौसी, डाकेश्वर सिंह, सउनि भूपेश सिंह, विवेक पांडेय, अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, अजय पांडेय, आरक्षक जयदीप सिंह, अनुज जायसवाल, कुंदन सिंह, शिव राजवाड़े, रूपेश महंत, मोती केरकेट्टा, विजय भगत, विकास सिंह, सहबाज अंसारी, हरीराम यादव सक्रिय
बीस घंटे के भीतर हत्या का आरोपित चढ़ा पुलिस के हत्थे पैसे के लेन-देन के कारण हत्या कर शव को निर्माणाधीन मकान में दफनाया था

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