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छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने जिस ईई उमाशंकर राम का किया था निलंबन, वह बना 3.50 करोड़ के घोटले का आरोपित मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश के बाद रामानुजगंज थाने में एफआइआर दर्ज


अंबिकापुर। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में पदस्थ कार्यपालन अभियंता उमाशंकर राम द्वारा ह्यूम पाइप खरीदी में किए गए साढ़े तीन करोड़ रुपये के घोटाला मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रामानुजगंज के आदेश के बाद रामानुजगंज थाना पुलिस ने धारा 420 का मामला दर्ज किया है। इसके पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीते चार मई बलरामपुर जिले के रामानुजगंज विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सनावल में भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों की शिकायत पर कन्हर अंतर्राज्यीय परियोजना के अंतर्गत भू-अर्जन प्रकरणों के त्वरित निराकरण में लापरवाही पर कार्यपालन अभियंता, कार्यालय अधीक्षण अभियंता श्याम बरनई परियोजना मंडल उमाशंकर राम को निलंबित कर दिया था।
अधिवक्ता डीके सोनी ने सूचना के अधिकार के तहत कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग रामानुजगंज से आरआरसी ह्यूम पाइप, चेन्नज स्टोन, बाउंडी स्टोन सप्लाई के बारे में जानकारी निकाला था। जिसमें सामने आया था कि बिना सामग्री खरीदी किए करोड़ों रुपये का भुगतान उमाशंकर राम कार्यपालन अभियंता द्वारा सप्लायर को कर दिया गया था। इसकी शिकायत की गई थी, लेकिन शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण अधिवक्ता ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रामानुजगंज में अधिवक्ता रूपेश गुप्ता के माध्यम से धारा 156/3 के तहत आवेदन पेश किया था। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रामानुजगंज ने दस्तावेज अवलोकन करने के बाद 28 अप्रैल को थाना रामानुजगंज को उमाशंकर राम और संबंधित लोगों के खिलाफ सात दिवस के भीतर प्रथम सूचना दर्ज कर मामले की जांच पूर्ण कर न्यायालय को अवगत कराने को कहा था। थाना रामानुजगंज के द्वारा चार मई को धारा 420 भारतीय दंड संहिता के तहत मामले में पंजीबद्ध किया गया। कार्यपालन अभियंता के विरुद्ध पूर्व में भी कई मामले पंजीबद्ध हंै। अधिवक्ता डीके सोनी ने आरोपित उमाशंकर राम को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है।

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