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छत्तीसगढ़

अतिवृद्ध राशनकार्ड धारियों को बायोमैट्रिक मशीन से मिलेगी मुक्ति खाद्यमंत्री अमरजीत भगत की पहल


अंबिकापुर। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अमरजीत भगत ने अतिवृद्ध, नि:शक्तजन, कुष्ठ रोगी अथवा गंभीर ला-इलाज बीमारी से पीडि़त तथा राशनकार्ड धारियों के बायोमैट्रिक (अंगूठा निशान) असफल होने के मामले को संवदेनशीलता पूर्वक लेते हुए राशन उपलब्ध कराने हेतु नियमानुसार नामिनी तथा ट्रस्टेड पर्सन नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बुधवार को रायपुर में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में उक्त निर्देश दिए।
खाद्य मंत्री ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की चर्चा करते हुये ई-पॉस मशीन से राशन वितरण की जानकारी ली तथा निर्देशित किया कि ऐसे राशनकार्डधारी, जिनमें किसी भी सदस्य का आधार सत्यापित है परंतु ई-पॉस उपकरण के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण असफल हो रहा है, उन्हें खाद्यान्न वितरण हेतु नॉमिनी (प्रतिनिधि) के निर्धारण के लिए विक्रेता शासकीय उचित मूल्य दुकान, ग्राम पंचायत तथा सचिव के पास आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राशनकार्डधारी द्वारा प्रस्तावित किसी अन्य हितग्राही को नॉमिनी नियुक्त करते हुए नॉमिनी के माध्यम से खाद्यान्न का वितरण किया जा सकेगा।
बताया गया कि समस्त नि:शक्तजन राशनकार्ड एवं ऐसे राशनकार्ड जिनमें सभी सदस्यों की आयु 60 वर्ष से अधिक अथवा 10 वर्ष से कम है, इन राशनकार्डों में राशनकार्डधारी के लिखित आवेदन पर उसी उचित मूल्य दुकान से संलग्न एवं राशनकार्डधारी द्वारा प्रस्तावित किसी अन्य हितग्राही को नॉमिनी नियुक्त करते हुए नॉमिनी के माध्यम से खाद्यान्न का वितरण किया जा सकेगा। यदि किसी राशनकार्ड में एक भी सदस्य 10 से 60 की उम्र का है तो वह नॉमिनी के लिए पात्र नहीं होगा। सरगुजा जिले में अब तक 2416 राशनकार्डधारियों के लिए नॉमिनी नियुक्त किया गया है तथा नियुक्त नॉमिनी द्वारा मार्च व अप्रैल माह में सफलतापूर्वक राशन उठाव किया गया है।

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