अंबिकापुर। होमगार्ड कार्यालय के प्रांगण में राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा सप्ताह के मौके पर अग्निशमन सेवा के दौरान शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए आग को रोकने के दौरान उपयोग में लाए जाने वाले उपकरणों का प्रदर्शन अग्निशमन सेवकों द्वारा किया गया। अग्निशमन सेवा सप्ताह 14 से 20 अप्रैल तक मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में शहीद जवानों की याद में अग्निशमन आपातकालीन सेवा के जवानों ने मॉक ड्रिल का प्रदर्शन सरगुजा संभाग के कमिश्नर जीआर चुरेंद्र के मुख्य आतिथ्य व केंद्रीय जेल अधीक्षक राजेंद्र गायकवाड़, पुलिस अधीक्षक पीटीएस रवि कुर्रे के विशिष्ट आतिथ्य में किया।
अपने संबोधन में संभागीय कमिश्नर जीआर चुरेंद्र ने अग्निशमन विभाग के जवानों द्वारा किए गए मॉक ड्रिल को उम्दा प्रयास बताया और कहा कि आप सभी जिले में किसी प्रकार की आगजनी की घटना होने पर जीवंत काम करते हैं। कहीं भी घर, मोहल्ला या अन्य स्थल पर ऐसी घटना हो तो सक्षम प्रयास करके एक समय सीमा में पीडि़त को राहत देने के लिए पहुंचने का प्रयास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीडि़त को राहत देने का सक्रिय प्रयास करते रहें। समय कैसा भी हो अपनी जिम्मेदारी को सक्रियता के साथ निभाने का प्रयास होना चाहिए। जनता की अपेक्षा में खरा उतरने के लिए सक्रिय रहना जरूरी है। इस दौरान उन्होंने संभागीय सेनानी राजेश कुमार पांडेय के द्वारा लिखित अनुभूतियों के रिश्ते किताब का लोकार्पण भी किया। इस दौरान जिला सेनानी एसके कठुतिया, पुलिस अस्पताल के डॉ.पटेल, जिला सेनानी सूरजपुर एसके गुप्ता, जिला सेनानी बैकुंठपुर एसएन बोरवणकर, अग्निशमन सेवा के प्रभारी अंजनी कुमार तिवारी, एसआइएम होमगार्ड संजय गुप्ता, किशन कुमार, नगर सैनिक पुष्पेंद्र विश्वकर्मा सहित अन्य उपस्थित थे।
इसलिए मनाते हैं अग्निशमन सेवा सप्ताह-
14 अप्रैल 1944 को बंबई के बंदरगाह पर महारानी विक्टोरिया नामक पानी जहाज युद्ध सामग्री लेकर पहुंचा था, जहां भीषण आगजनी की घटना हुई। उक्त घटना में फायर बिग्रेड बंबई के 100 जवानों द्वारा अग्निशमन कार्य में हिस्सा लिया गया, जिसमें 66 जवानों की अग्निशमन कार्य के दौरान मृत्यु हो गई थी। उक्त अग्निशमन का कार्य करने में एक सप्ताह का समय लगा था। इसी उद्देश्य से आज प्रतिवर्ष 19 अप्रैल 2022 को शहीद जवानों की याद में अग्निशमन आपातकालीन सेवा के जवानों द्वारा मॉक ड्रिल का प्रदर्शन किया जाता है।
मॉक ड्रिल का कुछ ऐसा रहा दृश्य-
दूरभाष पर आग लगने की मिली सूचना, भवन के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलने पर (बिल्डिंग कोलेप्स) कंट्रोल रूम द्वारा एसडीआरएफ टीम बचाव दल को वाहन में रवाना किया जाना। घटना स्थल पर घेराबंदी कर भीड़-भाड़ एवं आवागमन को रोका गया, जिससे बचाव कार्य बाधित न हो। रेस्क्यू कार्य प्रारंभ करते हुए भवन का मलबा हटाने का कार्य एवं भवन पर गिरे वृक्ष, मलबे को तत्काल हटाने के साथ ही भवन की गिरी लकडिय़ों को सावधानी पूर्वक हटाया गया, जिससे नीचे दबे हुए व्यक्ति को बचाया जा सके। कटर पार्टी (कटिंग टूल्स के साथ) मौके पर पहुंची। हैमर ड्रिल कार्य, हाइड्रोलिक कटर का उपयोग घटनास्थल में जगह बनाने के लिए किया गया। इसके बाद भवन में दबे हुए व्यक्तियों को निकाला गया।
इन विधियों का किया गया प्रयोग-
भवन के मलबे में दबे घायलों को बचाने के लिए विभिन्न विधियों का जीवंत प्रयोग किया गया। फोर एंड आप्थ मेथड से कम घायल मरीज को मलबे से बाहर निकाला गया। ह्यूमन क्रॅच विधि से घायल जिसके पैर की हड्डी टूटी हुई थी, उसे सुरक्षित उपचार के लिए पहुंचाया गया। फायरमैन लिफ्ट मेथड से बेहोश व्यक्ति को सुरक्षित निकाला गया। इस विधि से दो मंजिल, तीन मंजिल इमारत से किसी को आसानी से निकाला जा सकता है। स्ट्रेचर मेथड से बेहोश व्यक्ति या गंभीर रूप से घायल को सरलता के साथ घटनास्थल से बाहर निकाला गया। चेयर मेथड से घटनास्थल पर साधन उपलब्ध नहीं होने पर साधारण कुर्सी की सहायता से भी घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों को उचित उपचार हेतु नजदीकी प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में ले जाने का कार्य एवं गंभीर रूप से घायलों को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रेसूसियेशन) में 30:2 और एबीसी का ध्यान रखा जरूरी गया। शरीर के निश्चित भाग में पंपगि एवं दो बार मुंह में कृत्रिम श्वांस देकर घायल को बचाने का प्रयास किया गया। गंभीर रूप से घायल को एंबुलेंस के माध्यम से नजदीकी चिकित्सालय ले जाया गया।
फायर टीम ने ऐसे बुझाई आग-
अग्निशामक यंत्रों की सहायता से साधारण आग को एवीसी टाइप से, तैलीय पदार्थों में आग को फोम क्रश से बुझाने धुवा छोडऩे की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। ब्लोवर पार्टी के द्वारा भवन में लगी आग में सुरक्षात्मक ढंग से कार्य कर ब्लोवर की सहायता से धुआं निकालने की प्रक्रिया बताई गई, जिससे फायर टीम जहरीली गैसों से सुरक्षित होकर आग पर नियंत्रण की कार्रवाई कर सके। घरेलू एलपीजी गैस का उपयोग होने पर आग लगने पर बुझाने की कार्रवाई की गई। विक्टिम लोकेशन कैमरा द्वारा भवन में अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद आगजनी की सूचना प्राप्त होने पर फायर स्टेशन से फायर टीम रवाना हुई और विक्टिम लोकेशन कैमरा से प्राप्त सूचना पर भवन में फंसे अंतिम व्यक्ति को फायर एंट्रीसूट पहन कर निकालने की कार्रवाई की गई। भवन में आग लगने की सूचना पर फायर टीम पहुंची। भवन का निरीक्षण करने पर पाया गया कि जिस भवन में आगजनी की घटना हुई है वहां एक विकलांग भी रहता था जो नहीं भाग सका न उसको बचाया जा सका, जिसकी अग्नि दुर्घटना के कारण मौत हो गई
होमगार्ड कार्यालय के प्रांगण में राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा सप्ताह के मौके पर अग्निशमन सेवा के दौरान शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देते

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