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छत्तीसगढ़

रोजगार की तलाश में दूसरे राज्य पलायन कर रहे मजदूर मनरेगा का काम बंद होने से बढ़ी परेशानी, जिला प्रशासन इनके हालातों से बेखबर


प्रतापपुर। सरकार और प्रशासन के लाख दावों के बाद भी प्रतापपुर विकासखंड के कई क्षेत्र के  मजदूर रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की तरफ रुख करने मजबूर हैं। प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत चांचीडांड, करसी, मकनपुर, सिलफिली सहित कई ग्राम पंचायतों के मजदूर स्थानीय स्तर पर रोजगार और वाजिब मजदूरी नहीं मिलने के कारण दूसरे राज्यों मध्यप्रदेश के बैढन, सिंगरौली व उत्तर प्रदेश के रेनूकुट जाकर काम करने के लिए मजबूर हैं। प्रदेश सरकार मजदूरों के लिए लाख घोषणाएं कर रही हंै पर इन घोषणाओं का जमीनी स्तर पर कोई लाभ मिलता दिखाई नहीं दे रहा है। रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे मजदूरों के हालातों से प्रशासन बेखबर है। पूर्व में भी क्षेत्र के मजदूर लगातार दूसरे राज्यों में जाते रहे हैं, अभी भी अन्य राज्यों में मजदूरी के लिए जाने को मजबूर हैं। कोरोनाकाल में मजदूरों का दर्द जिस प्रकार सामने आया था, उसे देखते हुए गांव में ही लोगों को काम मिले, इस ओर सरकार का ध्यान गया था। कई मजदूर बिना मजदूरी लिए ही काफी कष्ट सहते पैदल, साइकिल से या अन्य साधनों से तपती धूप में घर वापस होते नजर आए थेञ वर्तमान में मनरेगा का काम नहीं मिलने से इन्हें पुन: दूसरे प्रांतों की ओर रुख करना पड़ रहा है।
इसलिए कर रहे पलायन-
छत्तीसगढ़ राज्य में मनरेगा के अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल में हैं। इस कारण मजदूरों को मनरेगा में पर्याप्त रोजगार मुहैया नहीं हो रहा है। हड़ताल की वजह से ग्रामीण क्षेत्र के मजदूर जिन्हें गांव-घर में रोजी-रोटी का साधन मिल जाता था उन्हें काम नहीं मिल पा रहा है। पहले की गई मजदूरी का भुगतान नहीं हो पा रहा है, जिसके चलते वे दूसरे राज्यों में जाने मजबूर हैं। ग्रामीण बताते हैं कि उनके गांव-घर में आय का एकमात्र साधन कृषि है। कृषि कार्य के अलावा शासकीय क्षेत्रों से ही उन्हें रोजगार उपलब्ध हो पाता है। रोजगार के मुख्य स्रोत बड़ी फैक्ट्री, कंपनियों को खोलने की दिशा में ऐसी कोई पहल शासन-प्रशासन स्तर पर नहीं होने से इसका सीधा असर गरीब व मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है।
शीघ्र मजदूरों को मिलेगा काम-सीईओ
जिला पंचायत के सीईओ राहुल देव गुप्ता का ध्यान इस ओर दिलाने पर उन्होंने कहा कि आपके माध्यम से सूचना मिल रही है, अगर मजदूर दूसरे राज्य में मजदूरी करने जा रहे हैं तो यह गंभीर विषय है। मनरेगा के कर्मचारी हड़ताल पर हैं जिसकी वजह से मनरेगा के कार्य बंद हैं। उन्होंने जल्द से जल्द इन मजदूरों के लिए स्थानीय स्तर पर मजदूरी की व्यवस्था कराने आश्वस्त किया।

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