samvaad
छत्तीसगढ़

परसा कोल खदान का निर्माण कार्य बंद कराने पहुंची भीड़ ने जनरेटर और अस्थायी पोस्ट को किया आग के हवाले खदान खोलने के विरोधी व समर्थकों में आमने-सामने आने के बाद बनी तनावपूर्ण स्थिति, चली तीखी नोकझोंक


अंबिकापुर। परसा कोल खदान का विरोध कर रहे ग्रामीणों का असंतोष गुरूवार को खुलकर सामने आया। उग्र भीड़ ने खदान के चल रहे निर्माण कार्य को बंद कराते हुए कार्यस्थल पर लगे जनरेटर तथा वहां बनाए गए अस्थायी पोस्ट को आग के हवाले कर दिया। अचानक आक्रोशित ग्रामीणों के जनसमूह को देख मौके पर मौजूद लोग घबरा गए। आगजनी की घटना के बाद खदान खोलने का समर्थन करने वाले भी वहां पहुंच गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसकी सूचना मिलने पर डिप्टी कलेक्टर के साथ पहुंचे पुलिस बल ने लोगों को समझाइश देने का प्रयास किया।
परसा कोल खदान का विरोध फतेहपुर, हरिहरपुर सहित अन्य गांव के ग्रामीणों द्वारा लगातार किया जा रहा है। इनके द्वारा दो मार्च से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन ग्राम हरिहरपुर में किया जा रहा है। सरकार द्वारा खदान खोलने की अनुमति देने संबंधी जानकारी मिलने पर ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। गुरुवार की दोपहर ग्रामीणों की भीड़ ग्राम साल्ही में स्थित खदान के पास पहुंची तथा कार्यस्थल में लगे कंपनी के जनरेटर व कार्य में लगे मजदूरों के लिए बनाए गए अस्थाई टीन शेड के निवास में आग लगा दी। ग्रामीणों का आरोप है कि फर्जी ग्राम सभा के प्रस्ताव से खदान खोलने की स्वीकृति प्राप्त की गई है, जबकि कोयला खदान के विरोध में कई बार शासन-प्रशासन को आवेदन दिया गया है, परंतु इस पर अब तक किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई। आगजनी से कंपनी को कितने का नुकसान हुआ है यह अभी पता नहीं चल पाया है। घटना स्थल ग्राम साल्ही में काफी संख्या में पुलिस बल अभी मौके पर मौजूद है। घटना की सूचना पर थाना प्रभारी लखनपुर प्रशिक्षु आइपीएस रॉबिंसन गुडिय़ा, उदयपुर थाना प्रभारी धीरेंद्रनाथ दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर उपस्थित हैं। इनके अलावा प्रशासन की ओर से डिप्टी कलेक्टर अनिकेत साहू भी ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाइश देने में लगे हैं। प्रशासन व पुलिस अधिकारियों के द्वारा दी जा रही समझाइश कितनी कारगर होगी, यह फिलहाल समझ से परे है।
इसी माह खदान खोलने की मिली अनुमति-
पिछले महीने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजधानी रायपुर आकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की थी। इसके बाद परसा खदान का खुलकर समर्थन कर रहे लोगों में नई उम्मीद का संचार हुआ था। इसके पहले 29 मार्च को सैकड़ों लोगों ने सरगुजा जिला कलेक्टर से परसा खदान को जल्द शुरू कराने का आग्रह किया। इस दौरान छत्तीसगढ़ बचाओ समिति के भी कुछ लोग पहुंचे थे, जो किसी भी स्थिति में खदान खुलने के पक्ष में नहीं हैं। इधर राजस्थान सरकार और स्थानीय लोगों की मांग के चलते छत्तीसगढ़ सरकार ने इसी महीने परसा खदान को नियमानुसार अनुमति दी।

Leave a Reply