samvaad
छत्तीसगढ़

मंदिर के प्रवेश द्वार निर्माण में सर्वधर्म आस्था रखने वाले भी बनेंगे सहभागी अंबिकापुर। सुरगुजा वासियों की आराध्य मां महामाया मंदिर का भव्य


प्रवेश द्वार जनसहयोग से बनेगा। मंदिर के प्रवेश द्वार निर्माण में गुरुद्वारा, मस्जिद, गिरिजाघर में आस्था रखने वाले खुलकर सहभागी बनेंगे। निर्माण समिति में सभी समाज के लोग शामिल होंगे। समिति का संरक्षक स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव को बनाया गया है। महामाया मंदिर प्रवेश द्वार निर्माण की तैयारियों के लिए शहर के वरिष्ठजनों और सभी समाज के प्रतिनिधियों की बैठक हुई, जिसमें सभी ने एक स्वर में भव्य प्रवेश द्वार बनाने की बात कही। इस पहल के लिए मुस्लिम पार्षदों के द्वारा कौमी एकता की मिशाल पेश करते हुए सर्वप्रथम की गई पहल की सराहना की गई।
औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा चूंकि अब्दुल हमीद चौक पर इस प्रवेश द्वार का निर्माण होना है और यह भूमि नगर निगम की है इसलिए शासकीय प्रावधानों के तहत कार्य कराया जाए। महापौर डॉ.अजय तिर्की ने कहा कि नियम और सरकारी प्रावधान के तहत जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। यह गर्व का विषय है कि मस्जिद, गुरुद्वारा, गिरिजाघर में आस्था रखने वाले भी मंदिर के प्रवेश द्वार के लिए खुले मन से सामने आए हैं। 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने मंदिर की गरिमा के अनुरूप द्वार निर्माण के लिए हरसंभव सहयोग देने की बात कही। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष डॉ.जेपी श्रीवास्तव ने निर्माण के लिए समिति का गठन करने और नगर निगम के माध्यम से प्रदेश का सबसे भव्य द्वार बनाने पर बल दिया। प्रदेश महामंत्री द्वितेंद्र मिश्रा ने सरगुजा की गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने इस कार्य के लिए पहल करने श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शफी अहमद और साथी पार्षदों की सराहना की। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने बताया प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने विगत आठ अप्रैल को निगम के महापौर को पत्र लिख निर्वाचित जनप्रतिनिधियों तथा जनसहयोग से प्राप्त राशि के अतिरिक्त जो राशि प्रवेश द्वार निर्माण में लगेगी, इसके लिए अपनी ओर से सहयोग देने की बात कही है। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता केएन तिवारी ने भी अपने विचार रखे।
इन्होंने लिया सहयोग का संकल्प-
पंजाबी समिति की ओर से गुरबचन सिंह छाबड़ा, कायस्थ सभा के अध्यक्ष हेमंत सिन्हा, विश्वकर्मा समाज की ओर से राजेश विश्वकर्मा, एसएम विश्वकर्मा, नरेंद्र विश्वकर्मा, केशरवानी वैश्य सभा के अध्यक्ष एवं किसान ताराचंद गुप्ता ने समाज की ओर से तथा व्यक्तिगत सहयोग करने की बात कही। क्षत्रिय समाज की ओर से नरेंद्र सिंह, अरविंद सिंह गप्पू, सतीश बारी, रवींद्र सिंह टूटेजा, जनार्दन त्रिपाठी, रोशन कन्नौजिया, नीतिश ताम्रकार, सीनियर सिटीजन फोरम के आइबी तिवारी, ब्राह्मण समाज के पूर्व अध्यक्ष सत्येंद्र तिवारी ने भी अपने विचार रखे। बैठक में ब्राह्मण समाज, साहू समाज, केशरवानी समाज, जायसवाल समाज, नाई समाज, यादव समाज, धोबी समाज, हलवाई समाज, बारी समाज, बंगाली समाज, अग्रवाल सभा, राजपूत समाज, मानिकपुरी समाज, राजवाड़े समाज, केवट समाज, सोनी समाज और सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। सभी ने महामाया मंदिर के भव्य प्रवेश द्वार निर्माण का संकल्प लिया।
दानदाताओं की कतार लगी-
महामाया मंदिर के प्रवेश द्वार निर्माण की बात सबसे पहले श्रम कल्याण मंडल अध्यक्ष शफी अहमद सहित अल्पसंख्यक समाज के सात पार्षदों ने की थी। उन्होंने पार्षद निधि से इसके लिए एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके बाद से महामाया मंदिर द्वार निर्माण के लिए कई लोग सामने आए। पार्षद सतीश बारी ने दो लाख, पूर्णिमा सिंह ने एक लाख तथा एल्डरमैन प्रभात रंजन सिन्हा ने अपनी निधि से एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने चार दिन पूर्व ही भव्य प्रवेश द्वार निर्माण के लिए अपनी निधि से शेष राशि उपलब्ध कराने संबंधी पत्र महापौर को भेज दिया है। टीएस सिंह देव के छोटे भाई अरुणेश्वर शरण सिंह देव और बहू सपना सिंह देव ने भी निर्माण कार्य के लिए एक-एक लाख रुपये देने की मंशा व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि सरगुजा के आम नागरिक की भांति वे भी इस पुनीत कार्य में सहयोग करेंगे। उन्होंने महापौर डॉ.अजय तिर्की को संबोधित करते हुए कहा कि जब भी निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो तो इसकी जानकारी उन्हें भी दी जाए। वे नगर निगम को अपनी ओर से एक लाख रुपये सरगुजा की आराध्य मां महामाया मंदिर के प्रवेश द्वार निर्माण हेतु उपलब्ध करा देंगे।

Leave a Reply