प्रतापपुर। प्रदेश सरकार गांव-गांव में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने आरओ प्लांट लगवाने पर जोर दे रही है, वहीं शुद्ध पेयजल हेतु सामुदायिक स्वास्थ केंद्र व आश्रम छात्रावासों में लगे आरओ प्लांट करीब तीन वर्ष से बंद पड़ा हुआ है। इसे जिला खनिज न्यास मद से लगाया गया था, जिसमें लाखों रूपये खर्च किए गए थे। आरओ प्लांट इतने निम्न स्तर का था कि सिर्फ शासकीय राशि की बर्बादी हुई।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2019-20 में अनुविभागीय अधिकारी विद्युत यांत्रिकी लाइट एवं मशीनरी नलकूप एवं उप संभाग अंबिकापुर के द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर व विभिन्न छात्रावास व आसपास के आश्रमों में 250 एलपीएच, जल शुद्धिकरण संयंत्र की स्थापना की गई थी, जिसमें 4.49 लाख की लागत से मशीन 4/11/2019 को लगाया गया था, जो दो माह भी नहीं चल पाया और खराब पडा हुआ है। प्रतापपपुर के सामाजिक कार्यक्रता जिसान खान ने इसकी शिकायत कलेक्टर सूरजपुर से की है। शिकायत पत्र में कहा गया है कि जिस विभाग द्वारा यह कार्य किया गया है उससे राशि वसूली की कार्रवाई होनी चाहिए। कलेक्टर सूरजपुर ने एसडीएम प्रतापपुर को जांच की जिम्मेदारी दी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं फिर से सूरजपुर जिले के सहायक आयुक्त ने 24/9 /2021 को आदेश जारी कर उसी विभाग को जिसने पूर्व में इस योजना को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया उसी को 3.72 करोड़ जारी कर 84 नग जल शुद्धिकरण यंत्र एलपीएच लगाने का आदेश दे दिया। इस सबंध में जनपद पंचायत प्रतापपुर के अध्यक्ष जगत लाल आयाम ने पूर्व कलेक्टर व जिला प्रशासन के ऊपर आरोप लगाया था कि जितना भी जिला खनिज न्यास मद से राशि खर्च की गई है सभी कार्यों की जांच की जाए और जो भी दोषी हैं सभी पर कार्रवाई की जाए। साथ ही वर्तमान सहायक आयुक्त सूरजपुर के द्वारा फिर से उसी विभाग को राशि देने के मामले पर मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन से शिकायत कर सहायक आयुक्त से तत्काल कार्रवाई करते हुए खरीदी पर रोक लगाने की मांग की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री के आगमन पर उनके समक्ष शिकायत प्रस्तुत करने कहा है।
जल शुद्धिकरण संयंत्र हो चुका है बेकार, सहायक आयुक्त सूरजपुर ने फिर दिए 3.72 करोड़ जनपद अध्यक्ष करेंगे मुख्यमंत्री से शिकायत

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