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छत्तीसगढ़

रीता को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मिला सम्मान


अंबिकापुर। उत्तरप्रदेश के प्रयागराज जिले में बीती दिनों दिव्यांगजन स्वाभिमान सम्मान पुनर्वास एवं सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन उतरप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नीरज तिवारी के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर आयोजक समिति ने पूरे देश भर से दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया था, जिसमें देश के सात राज्यों से दिव्यांगता के क्षेत्र उत्कृष्ट कार्य करने व्यक्तियों का सम्मान मुख्य अतिथि ने किया।
दिव्यांगता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों में आयोजकों ने छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से अंबिकापुर की रीता अग्रवाल का नाम सबसे ऊपर रखा था। रीता को दिव्यांग पुनर्वास नेत्र बाधित बच्चों के स्कूल संचालन एवं मानसिक दिव्यांग केंद्र के सफल संचालन एवं इनके आवास पुनर्वास के लिए निरंतर कार्य एवं प्रयास करने हेतु न्यायमूर्ति नीरज तिवारी के हाथों सम्मानित किया गया। रीता अग्रवाल विगत कई वर्षों से जिले में कलावती पुनर्वास केंद्र, ब्लाइंड स्कूल, मानसिक दिव्यांग केंद्र का संचालन कर रही हैं। स्वयं रीता अग्रवाल जन्म से बाएं हाथ से दिव्यांग होने के साथ-साथ दिव्यांगों की सेवा में खुद को समर्पित की हैं। वे हरसंभव प्रयास करती हैं कि दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके और उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके। रीता अग्रवाल की इन्हीं सोच और उनके द्वारा किए जा रहे नि:स्वार्थ कार्यों के लिए बीते नौ अप्रैल को इलाहाबाद में आयोजित दिव्यांगजन स्वाभिमान सम्मान पुनर्वास एवं सामूहिक विवाह समारोह में हाईकोर्ट के मुख्य जज के हाथों उनका सम्मान किया गया।

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