प्रतापपुर। विकासखंड प्रतापपुर के सामाजिक कार्यकर्ता जीशान खान की शिकायत पर युवा तहसीलदार प्रतीक जायसवाल ने कई वर्षों से लंबित मामले की फाइल को खोज निकाला है और वसूली की कार्रवाई के लिए नियमानुसार प्रक्रिया शुरू कर दी है। पशुपालन कार्यालय भवन प्रतापपुर के घटिया निर्माण और फर्जी बिल बनाकर लाखों रुपये गबन के मामले की फाइल एसडीएम कार्यालय प्रतापपुर पहुंचने के बाद किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में जन शिकायत पोर्टल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई थी।
विदित हो कि कृषि उपज मंडी बोर्ड अंबिकापुर द्वारा 20 लाख से ज्यादा की लागत से प्रतापपुर में पशु चिकित्सालय भवन का निर्माण कराया गया था, जो बहुत ही निम्न स्तर का था। बाउंड्री सहित कई काम किए बिना ही फर्जी बिल बनाकर राशि का गबन किया गया था। मामले की शिकायत के बाद प्रधानमंत्री सड़क योजना विभाग सूरजपुर द्वारा जांच की गई थी। तत्समय कलेक्टर ने जांच प्रतिवेदन पर चार लाख की वसूली का आदेश जारी कर एसडीएम प्रतापपुर को इसकी वसूली के लिए अग्रिम कार्रवाई करने निर्देशित किया गया था, लेकिन मामले की फाइल दबा दी गई। इतने वर्षों तक फाइल का दबा होना और दोषी अधिकारियों के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं होने से मिलीभगत का संदेह हुआ और शिकायतकर्ता ने ऑनलाइन शिकायत पोर्टल में दर्ज कराई थी और पूर्व में जारी किए गए आदेशानुसार शासकीय रकम की भरपाई का आग्रह किया गया था। फाइल मिलने के बाद अब निम्न स्तर का निर्माण करा शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने वाले अधिकारियों से राशि वसूली की कार्रवाई की संभावना प्रबल हुई है।
घटिया निर्माण करने वाले अधिकारियों से होगी वसूली युवा तहसीलदार ने पांच वर्ष पुरानी फाइल को खोज निकाला

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