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छत्तीसगढ़

निविदा तिथि पूर्ण होने के बाद भी अमृत मिशन का काम अध्ूारा, इधर सौ करोड़ से अधिक का हो गया भुगतान बिना कार्य पूर्ण किए कंपनी के रफूचक्कर होने की संभावना जता आलोक दुबे ने कलेक्टर को दी जानकारी


अंबिकापुर। अमृत मिशन योजनान्तर्गत जल आवर्धन योजना में भारी अनियमितता की जानकारी महाराणा प्रताप वार्ड क्रमांक छह के पार्षद आलोक दुबे ने सरगुजा कलेक्टर को दी है। उन्होंने बताया है कि वर्ष 2017 में अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र के लिए 106 करोड़ की योजना जल आपूर्ति हेतु स्वीकृत हुई थी, जिसकी निविदा तेजस कंस्ट्रक्शन एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर पुणे को प्राप्त हुई थी। निविदा पूर्ण होने की तिथि दिसंबर 2019 थी, किंतु निविदा पूर्ण होने की अवधि बीत जाने के बाद भी मार्च 2022 तक कंपनी द्वारा कार्य पूर्ण नहीं किया गया है। उन्होंने बताया है कि अभी नगर निगम क्षेत्र में गर्मी की शुरुआत हुई है और अभी से शहर के आधे से अधिक क्षेत्र में पानी की समस्या होने लगी है। कंपनी के द्वारा पूरे शहर में 225 किलोमीटर लंबाई की नई पाइप लाइन डाली गई है, उसके बाद भी पानी की किल्लत का होना जांच का विषय है। कंपनी के द्वारा वादा किया गया था कि अमृत मिशन की नई योजना से नई पाइप लाइन के द्वारा नया कनेक्शन लेंगे और 24 घंटे पानी की आपूर्ति की जाएगी। इस प्रत्याशा में नागरिकों ने कंपनी के झांसे में आकार करीब 10 हजार नए जल कनेक्शन ले लिए। पहले से शहर में 28 हजार नल कनेक्शन हैं। उन्होंने पूरी योजना को शहर की जनता के साथ धोखा करार देते हुए बताया है कि योजना के लिए स्वीकृत 106 करोड़ की राशि में पुणे की कंपनी द्वारा 102 करोड़ का भुगतान लिया जा चुका है। आनन-फानन में विभाग की मिलीभगत से बिना कार्य पूर्ण किए लगभग 100 करोड़ की राशि प्राप्त कर ली गई है, जो कि नियम विरुद्ध है। इस कार्य का मूल्यांकन संबंधित अधिकारी द्वारा नहीं करने का भी आरोप लगाया गया है। पार्षद ने संभावना व्यक्त की है कि कंपनी बिना कार्य पूर्ण किए रफूचक्कर हो सकती है। उन्होंने अमृत मिशन जल जीवन के कार्य की जाँंच कराकर नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

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