samvaad
छत्तीसगढ़

मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर वल्र्ड डायरेक्ट्री ऑफ मेडिकल स्कूल्स में शामिल चिकित्सा क्षेत्र में मेडिकल के छात्र नाम रोशन करें, इसके लिए चल रहे निरंतर प्रयास


अंबिकापुर। राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर को वल्र्ड डायरेक्ट्री ऑफ मेडिकल स्कूल्स में शामिल होने का गौरव प्राप्त हुआ है। डब्ल्यूएचओ द्वारा संधारित मेडिकल स्कूल भारत में कॉलेज में डब्ल्यएफएमई वल्र्ड फेडरेशन ऑफ मेडिकल एजुकेशन पेरिस, फ्रांस तथा फाइडेशन फॉर एडवांसमेंट ऑफ इंटरनेशन मेडिकल एजुकेशन रिसर्च फिलडेल्फिया, अमेरिका की प्रतिष्ठत संस्था, संयुक्त रूप से विभिन्न देशों में नियामक काउंसिल भारत में एनएमसी प्राप्त मेडिकल कॉलेजों का रिकार्ड रखती हैं। इसमें मेडिकल कॉलेज द्वारा संचालित कोर्स, पढ़ाई की गुणवत्ता, स्किल्स लैब एवं विशिष्ट सुविधाएं, ई-लाइब्रेरी इत्यादि के आधार पर शामिल किया जाता है। विदित हो कि अंबिकापुर में मेडिकल कॉलेज की शुरूआत ऐसे दौर में हुई थी जब यहां सुविधाओं की काफी कमी थी। सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रयास हुए लेकिन मेडिकल के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और वे बेहतर चिकित्सक बनें इस प्रयास के लिए अधिष्ठाता डॉ.रमनेश मूर्ति का कार्यकाल यादगार रहेगा। उन्होंने कोविड-19 के दौर में मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल के अधीक्षक व चिकित्सकों के साथ मिलकर बेहतर वातावरण बनाकर न सिर्फ काम किया बल्कि जांच सुविधाओं का भी विस्तार किया, जिससे रायगढ़, रायपुर सेंपल भेजने की नौबत से निजात मिली समय पर जांच रिपोर्ट मिलने से लोगों को राहत मिल रही थी। वर्तमान में भी मेडिकल कॉलेज के छात्रों के लिए अच्छा वातावरण बनाने की निरंतर कोशिश हो रही है, यही कारण है कि दूर-दराज के क्षेत्रों से आकर छात्र यहां मेडिकल में प्रवेश ले रहे हैं।
यह मिलेगी सुविधा-
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ.रमनेश मूर्ति ने बताया कि भारतीय छात्र अमेरिका, कनाडा में एमबीबीएस उपरांत स्वीकार्य होते हैं तो विदेशों में भारतीय डिग्री की परख होती है। इससे शोध एवं खोजपरक कार्यों को गति मिलती है। ग्रांट की सुविधा, फैकल्टी एवं छात्र का आदान-प्रदान एवं प्रशिक्षण मिलता है

Leave a Reply