अंबिकापुर। सामान्य सभा में नगर निगम की सरकार ने 28 लाख 95 हजार के घाटे का बजट पेश किया, जिसे पारित कर दिया गया। इसके पहले सामान्य सभा की बैठक हंगामेदार रही। विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर निगम सरकार को घेरा। बुधवार को शहर के माता राजमोहनी देवी भवन में नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा और विचार-विमर्श कर प्रस्ताव पारित किया गया। इस दौरान विपक्षी पार्षद आलोक दुबे, मधुसूदन शुक्ला ने निगम की कांग्रेस सरकार को अपने सवालों से घेरा। पार्षद आलोक दुबे ने अतिक्रमण के मामले में निगम के भवन शाखा पर सेटिंग का आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम की सरकार ने मात्र 17 अतिक्रमण हटाए हैं, 240 अतिक्रमणकारियों पर मेहरबानी की है। इस मुद्दे को लेकर सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच सदन में तीखी नोकझोंक हुई। सत्ता पक्ष के सभी पार्षद सदन में खड़े हो गए और विपक्ष पर आक्रामक होते नजर आए।
नगर निगम की सामान्य सभा बुधवार की दोपहर 12 बजे से माता राजमोहनी भवन में सभापति अजय अग्रवाल की उपस्थिति में शुरू हुई। विपक्ष के पार्षद मधुसूदन शुक्ला ने अमृत मिशन योजना के तहत कराए गए शहर में उद्यान निर्माण व उसके संधारण, मरम्मत के लिए की गई टेंडर प्रक्रिया पर सवाल खड़ा किया। इसका जवाब देते हुए सत्ता पक्ष से एमआइसी प्रमुख शफी अहमद ने कहा कि शासन के नियम के तहत ही उद्यानों के संधारण, मरम्मत के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। पार्षद मधुसूदन शुक्ला ने इस मामले भ्रष्टाचार का आरोप सत्ता पक्ष पर लगाया। इसके जवाब में एमआइसी प्रमुख शफी अहमद ने भाजपा पार्षद को पुख्ता सबूत प्रस्तुत करने की बात कही ताकि इसकी जांच कराई जा सके। जांच टीम में आरोप लगाने वाले पार्षद मधुसूदन शुक्ला को भी शामिल करने की बात कही गई। मधुसूदन शुक्ला ने नगर निगम की सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि डस्टबीन बाजार से ज्यादा दामों पर टेंडर के माध्यम से खरीदी गई है। इस मामले में सत्तापक्ष की ओर से एमआइसी प्रमुख शफी अहमद ने कहा कि 500 नग डस्टबीन निविदा प्रक्रिया से खरीदी गई है। निगम द्वारा अब इस टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। अब डस्टबिन की खरीदी बाजार दर पर ही की जाएगी।
गरीबों का घर तोडऩा बंद करो, लगे नारे-
विपक्ष के पार्षद आलोक दुबे, मधुसूदन शुक्ला ने अब तक कितने अतिक्रमण नगर निगम द्वारा हटाए गए इसका जवाब मांगा तो सत्तापक्ष ने बताया कि पिछले दो सालों में 240 अवैध निर्माण को लेकर नोटिस दिया गया है, जिसमें 17 अतिक्रमण हटाए गए हैं। भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने कहा कि किस नियम के तहत 17 अतिक्रमण हटाए गए और 240 लोगों को केवल नोटिस ही दिया गया है। उन्होंने भवन शाखा पर सेटिंग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 240 अतिक्रमण कारियों को निगम सरकार राहत पहुंचाने का काम कर रही है। इस सवाल का जवाब सत्तापक्ष की ओर से एमाआइसी प्रमुख शफी अहमद दे ही रहे थे कि विपक्ष के एक पार्षद ने कहा कि यहां भाषण सुनने नहीं आए हैं। इस बात पर सत्ता पक्ष के पार्षद उग्र हो गए। इसके बाद पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। सत्तापक्ष के पार्षदों ने सदन में ही नारेबाजी करनी शुरू कर दी। सत्ता पक्ष के पार्षदों ने गरीबों का घर तोडऩा बंद करो, जैसे नारे लगाना शुरू कर दिए। अवैध निर्माण पर शफी अहमद ने कहा कि जब नगर निगम अतिक्रमण तोडने जाती है तो पार्षदों का फोन आना शुरू हो जाता है। सदन में दोनों पक्षों के बीच हंगामा होते देख सभापाति अजय अग्रवाल की समझाइश पर मामला शांत हुआ।
महापौर पर झूठ बोलने का आरोप-
सामान्य सभा में भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने कहा कि ट्रांसपोर्टनगर में अतिक्रमण कर गुमटी बनाई जा रही थी। निगम द्वारा वहां अतिक्रमण करने से रोक दिया गया और पुन: उन्हें पुराना बस स्टैंड में जगह दे दी गई। इस पर महापौर डॉ.अजय तिर्की ने जवाब देते हुए कहा कि पुराना बस स्टैंड में विस्थापन के तौर पर शासन के मार्गदर्शन में उन्हें कोविड काल में अस्थाई रूप से जगह दिया गया है, यहां सभी जाति, धर्म के लोग हैं। ट्रांस्पोर्टनगर की समस्या दूर होने पर पुन: उन्हें वहां भेज दिया जाएगा। इस बात पर भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने महापौर पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विस्थापन में आरक्षण नियम का भी पालन नहीं किया गया है। उन्होंने महापौर से कहा कि अगर शासन का निर्देश है तो आदेश प्रस्तुत करें। उन्होंने महापौर को बहुमत के आगे चूर रहने की बात कही।
28 लाख 95 हजार के घाटे का बजट पेश-
सामान्य सभा की बैठक के बाद नगर निगम सरकार द्वारा बजट पेश किया गया। निगम सरकार ने 28 लाख 95 हजार के घाटे का बजट पेश किया, जिसे पारित कर दिया गया। वर्ष 2022-23 का प्रस्तावित बजट आय चार अरब 42 करोड़ 47 लाख 90 हजार एवं व्यय चार अरब 42 करोड़ 76 लाख 85 हजार का है।
हंगामेदार बैठक के बीच सदन में सत्तापक्ष व विपक्ष में हुई तीखी नोकझोंक 28 लाख 95 हजार रुपये के घाटे का बजट पेश

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