अंबिकापुर। लखनपुर ब्लाक के ग्राम अमदला निवासी ईश्वर दास द्वारा मृत बेटी सुरेखा के शव को कंधे पर ढोकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर से अपने गृह ग्राम अंधला तक 10 किलोमीटर पैदल ले जाने के मामले को भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव ने मानवीयता के मानकों को तार-तार करने वाला बेहद हृदय विदारक, मन को झकझोर देने वाला व भारी पीड़ादायक मेंजर बताया है। उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र में इस प्रकार की लापरवाही, चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था व विभाग के निकम्मेपन, यहां पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों की निर्लज्जता को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त है। एक तरफ स्वास्थ्य विभाग व इनका अमला बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का गुणगान करते नजर आता है वहीं ऐसी घटनाओं में इनके अमले का उदासीन होना इनकी असंवेदनशीलता को दर्शाता है। समाज के लिए यह विचारणीय है कि अस्पताल में बच्चे की मौत के बाद कोई व्यक्ति इस प्रकार बच्चे का शव कंधे पर ढोकर पैदल घर ले जाए। बालिका की मृत्यु इंजेक्शन लगाने के बाद किन कारणों से हुई, यह संदेहास्पद थी तो उसका पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया गया। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने पूरी घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए इस अक्षम्य लापरवाही के लिए बीएमओ के साथ-साथ सीएमओ को भी निलंबित करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि अस्पताल में शव वाहन उपलब्ध उपलब्ध था तो ईश्वर दास को अपनी बेटी के शव के साथ 10 किलोमीटर तक अकेले पैदल क्यों जूझना पड़ा। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि जिम्मेदार व्यक्ति व दोषी अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए साथ ही मृतका के परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा शासन को तत्काल देना चाहिए, इसकी मांग उन्होंने की है। स्वास्थ्य विभाग के इस नारकीय हालात के लिए स्वास्थ्य मंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में स्वास्थ्य मंत्री जनता के प्रति अपना कर्तव्य भूल गए हैं, जिसके चलते सरगुजा ही नहीं अपितु पुरे प्रदेश की जनता बदतर स्वास्थ्य व्यवस्था का अभिशाप भोगने के लिए बाध्य है।
स्वास्थ्य मंत्री की प्रशासनिक क्षमता पर सवाल खड़ा किया अनुराग ने घटना की उच्च स्तरीय जांच व पीडि़त परिवार को 5 लाख मुआवजा देने की मांग

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