बलरामपुर। जिला मुख्यालय में राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि धीरज सिंह देव के नेतृत्व में जनाक्रोश पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा बलरामपुर मुख्यालय से वन संरक्षक, वन्य प्राणी कार्यालय अंबिकापुर का घेराव करने के लिए बलरामपुर से अंबिकापुर के लिए निकली है। इस पदयात्रा में ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए। पदयात्रा कुछ दूर निकली ही थी कि सेमरसोत अभ्यारण के डीएफओ, रेंजर एवं तमाम वन विभाग के कर्मचारी पदयात्रा के नेतृत्व कर रहे धीरज सिंह देव से रास्ते में रोककर बातचीत की।
सेमरसोत अभ्यारण्य के डीएफओ ने धीरज सिंह देव और पदयात्रा में शामिल जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त कराया कि अभ्यारण के विजयनाथ तिवारी के खिलाफ की गई शिकायत पर उन्हें तत्काल प्रभाव से मुख्यालय में अटैच कर दिया गया है, उनके खिलाफ जांच की जा रही है। वन अमले ने लिखित में पत्र का जवाब देते हुए कहा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई चल रही है, जांच के उपरांत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। भविष्य में उनकी पोस्टिंग बलरामपुर जिले में नहीं की जाएगी। पदयात्रा में शामिल जनप्रतिनिधि एवं धीरज सिंहदेव ने अपनी पदयात्रा को वहीं पर रोक दिया और तीन दिवस के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन करने की बात कही। यात्रा में शामिल जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ ग्रामीणों ने भी अभ्यारण के डीएफओ एवं रेंजर से विजयनाथ तिवारी की शिकायत करते हुए ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार करने और कई जगहों से पैसे के लेन-देन की बात कही। ग्रामीणों की बात अभ्यारण क्षेत्र के डीएफओ ने बड़ी आत्मीयता के साथ सुनी। सभी की शिकायतों को सुनने के बाद उन्होंने कहा कि जांच चल रही है, जांच के उपरांत कार्रवाई की जाएगी। रैली में जनपद पंचायत के अध्यक्ष विनय सिंह पैकरा, उपाध्यक्ष भानु प्रकाश दीक्षित, भाजपा युवा मंडल के अध्यक्ष आशीष, अमर सिंह, पुष्कर सिंह, मनीष सिंह, बनारसी गुप्ता, चंद्रदेव सिंह, शिवम सिंह, सत्यम सिंह, जितेंद्र श्रीवास्तव, अनूप गुप्ता सहित काफी संख्या में लोग शामिल हुए।
कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति हुई तो उग्र आंदोलन-धीरज
राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि धीरज सिंह देव ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विजयनाथ तिवारी के द्वारा सेमरसोत जंगलों में अवैध कटाई कराई गई है, जिसे लेकर उनके द्वारा पूर्व में डीएफओ एवं वन संरक्षक वन प्राणी कार्यालय में शिकायत की गई थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही थी। इसे देखते हुए वे वन संरक्षक, वन्य प्राणी कार्यालय अंबिकापुर का घेराव करने की रणनीति बनाई गई थी, इसमें जनप्रतिनिधियों के साथ ग्रामीण शामिल थे। पदयात्रा कुछ किलोमीटर चली थी कि अभ्यारण्य क्षेत्र के अधिकारियों द्वारा कार्रवाई करने का आश्वासन देकर पदयात्रा को समाप्त कराया गया है। उन्होंने कहा अगर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की जाती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जनाक्रोश रैली देख दौड़े आए अधिकारी, कहा-विजयनाथ तिवारी हो गए मुख्यालय में अटैच वन संरक्षक, वन्य प्राणी कार्यालय अंबिकापुर का घेराव करने पदयात्रा करते निकले थे

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