अंबिकापुर। लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत आवेदकों द्वारा प्रस्तुत आवेदनों का निराकरण समय से नहीं करने पर कलेक्टर संजीव कुमार झा ने सात अधिकारी एवं कर्मचारियों पर जुर्माना लगाया है। जिन अधिकारी-कर्मचारियों पर जुर्माना लगाया गया है उनमें दो एसडीएम, एक तहसीलदार, एक नजुल अधिकारी, दो सहायक ग्रेड-3 तथा एक रीडर शामिल हैं।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार जुर्माने की राशि जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी के खाते में चालान के माध्यम से जमा करना होगा। गौरतलब है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत आवेदकों द्वारा प्रस्तुत आवेदनों का निराकरण समय सीमा के भीतर करना होता है, लेकिन कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही के कारण समय पर काम नहीं होने से आवेदकों को परेशानी होती है। ऐसी ही लेटलतीफी के मामले की समीक्षा कलेक्टर द्वारा की गई और संबंधितों पर जुर्माना लगाया गया। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार नजुल अधिकारी नीलम टोप्पो एवं सहायक ग्रेड-03 अजय तिवारी पर नजूल पट्टा सीमांकन के दो आवेदनों में विलंब के लिए दो दिवस की परिव्यय राशि एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। इसी प्रकार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अंबिकापुर प्रदीप साहू एवं सहायक ग्रेड-03 रेणु विश्वकर्मा पर जाति प्रमाण पत्र के दो आवेदनों में विलंब के लिए एक दिवस के परिव्यय राशि 500-500 रुपये अर्थदंड अधिरोपित किया गया है।
सीतापुर एसडीएम व लुंड्रा-धौरपुर के तहसीलदार भी शामिल-
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सीतापुर अनुमोल टोप्पो एवं रीडर दिलीप कुजूर पर अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र के एक आवेदन में विलंब के लिए एक दिवस की परिव्यय राशि 500-500 रुपये तथा लुंड्रा-धौरपुर के तहसीलदार मुखदेव प्रसाद यादव को मूल निवास प्रमाण-पत्र के आठ आवेदनों में विलंब के लिए एक दिवस की परिव्यय राशि 400 रुपये अधिरोपित किया गया है।
अंबिकापुर व सीतापुर एसडीएम सहित सात पर कलेक्टर ने ठोंका जुर्माना अर्थदंड की राशि चालान के माध्यम से ई गवर्नेस खाते में जमा करना

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