अंबिकापुर। संयुक्त संचालक शिक्षा हेमंत उपाध्याय द्वारा संभाग स्तरीय अंगना मां शिक्षा मेला सह प्रशिक्षण का प्राथमिक शाला जूनापारा सोहगा परिसर में शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जब तक बच्चों को नियमित विद्यालय नहीं भेज पाते उनके शैक्षिक एवं सर्वांगीण विकास की कल्पना बेइमानी है। उन्होंने कहा कि हमने बच्चों के द्वार पर शिक्षा पहुंचाई, अब एक-एक बच्चे के आंगन तक शिक्षा पहुंचा रहे हैं, लेकिन जब तक हम उनके दिल-दिमाग में शिक्षा का अलख नहीं जला पाते तब तक हमारा लक्ष्य पूरा नहीं होगा। दुनिया में हर व्यक्ति वही काम करना चाहता है जो उसके लिए उपयोगी हो। यदि बच्चे विद्यालय नहीं पहुंच रहे हैं, इसका मतलब साफ है कि वे विद्यालय को अपने लिए उपयोगी नहीं मान रहे हैं। उन्होंने कहा हमें विद्यालय के परिवेश को बच्चों के अनुरूप आकर्षक बनाना होगा। उनके रूचि के अनुसार खेलों का आयोजन करना होगा, जिसमें शिक्षक भी अपनी सहभागिता करें। विदित हो कि हेमंत उपाध्याय बस्तर संभाग से हाल में स्थानांतरित होकर सरगुजा संभाग में कार्यभार ग्रहण किए हैं। इसके साथ ही विद्यालयों की सघन मानीटरिंग करते हुए बच्चों की विद्यालय में उपस्थिति पर उन्होंने जोर दिया है। शिक्षकों को समय पर विद्यालय पहुंचकर ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करने की नसीहत दी है। इस अवसर पर डॉ.संजय सिंह डीएमसी, रविशंकर तिवारी एपीसी, संकुल के प्राचार्य तेजकुमार कुजूर उपस्थित रहे। उन्होंने सभी डीईओ, डीएमसी, बीईओ, बीआरसी को नियमित मानीटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। इसके पूर्व हेमंत उपाध्याय छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अपनी सेवाएं देते हुए शिक्षा में गुणवत्ता लाने उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
विद्यालय के परिवेश को बच्चों के अनुरूप आकर्षक बनाएं-हेमंत उपाध्याय संभाग स्तरीय अंगना मां शिक्षा मेला सह प्रशिक्षण का सयुक्त संचालक शिक्षा ने किया शुभारंभ

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