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छत्तीसगढ़

स्वच्छता का संदेश देने अधिष्ठाता व अधीक्षक ने अधीनस्थों के साथ झाड़ू-पोंछा लगाया आपातकालीन चिकित्सा परिसर में कोने-कोने तक सफाई, स्वच्छकों का हौसला बढ़ाने शुरू किया विशेष अभियान


अंबिकापुर। मेडिकल कालेज अस्पताल अंबिकापुर में सुविधा की बढ़ोत्तरी के साथ मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। वार्ड में मरीज भी काफी संख्या में भर्ती हो रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन का ध्यान सुविधा के साथ स्वच्छता पर भी है। इसी कड़ी में अस्पताल परिसर व वार्ड में स्वच्छता बनी रहे इसके लिए यहां सेवा देने वाले गार्ड तो सचेत करते ही हैं, अस्पताल प्रबंधन स्वयं इस दिशा में पहल करना शुरू कर दिया है।
मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ.रमनेश मूर्ति व अधीक्षक डॉ.लखन सिंह ने इसी कड़ी में बुधवार को अस्पताल की सलाहकार प्रियंका कुरील, डाइटिशियन सुमन सिंह, सहायक नर्सिंग अधीक्षिका दु्रपति राज, प्रिया फरीडा सहित अन्य ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के साथ मिलकर अस्पताल परिसर में झाड़ू लगाकर कचरों को उठाकर एक जगह एकत्र किया, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से डिस्पोज कराया जा सके। अधिष्ठाता व अधीक्षक सहित अन्य स्टाफ ने आपातकालीन चिकित्सा परिसर के वार्डों में भी साफ-सफाई के साथ डस्टिंग, बेड मेकिंग एवं पोछा लगाने में भी सहभागिता निभाई। अस्पताल में पहली बार ऐसा देखने को मिला कि सफाई व्यवस्था व मरीजों की सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न हो, इसका राउंड करके प्राथमिकता से जायजा लेने वाले अधिकारी अस्पताल के कर्मचारियों के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान में जुटे नजर गए। अस्पताल की सफाई अच्छे से हो इस उद्देश्य से एक-एक चीज की बेहतर तरीके से सफाई की गई। इसका एक मकसद यह भी था कि अस्पताल के स्वच्छक भी सफाई के दौरान सिर्फ झाड़ू और पोछा लगाने को ही दायित्व न समझें बल्कि वार्ड की खिड़कियों, दरवाजे, बेड में जमे धूल, जाले की सफाई पर भी ध्यान दें। सफाई कर्मचरियों को अधिकारियों ने इसके लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही यह संदेश दिया कि अस्पताल के वार्ड व परिसर को साफ रखने का दायित्व सिर्फ यहां के स्टाफ का नहीं बल्कि उनका भी हैं, जो इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं या वार्डों में भर्ती होते हैं। अधिष्ठाता व अस्पताल अधीक्षक के साथ स्टाफ में छोटेलाल, राजेंद्र, आशीष, सुनील सहित अन्य ने भी स्वच्छता के इस पुनीत कार्य में हाथ बंटाया।
अस्पताल की सलाहकार ने बनाई थी योजना-डॉ.लखन सिंह
अस्पताल अधीक्षक डॉ.लखन सिंह ने बताया कि अस्पताल में स्वच्छ वातावरण हो, मरीज भी स्वच्छता को सिर्फ अस्पताल के स्वच्छकों की जिम्मेदारी न समझें, इस सोच को लेकर यह कदम अस्पताल की सलाहकार प्रियंका कुरील के द्वारा बनाई गई योजना के तहत उठाया गया। उन्होंने कहा कि स्वच्छक भी इंसान हैं। वे अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं लेकिन अस्पताल का वातावरण स्वच्छ रहे इसके लिए सभी को मिलकर पहल करनी होगी, चाहे वे अस्पताल के स्टाफ हों या मरीज या उनके संबंधी। कई बार अस्पताल परिसर व वार्डों में सफाई के बाद भी गंदगी देखने को मिलती है, इसके लिए सिर्फ स्वच्छक नहीं अपितु यहां आने वाले भी जिम्मेदार रहते हैं। लोगों को यह धारणा मन में कतई नहीं रखनी चाहिए कि वे शासकीय अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे हैं या भर्ती हुए हैं। उन्हें यह सोच बनानी होगी कि अस्पताल हम सबका है, इसे अपने घर की तरह साफ-सुथरा रखें। जहां भर्ती हैं वहां गंदगी न फैलाएं।  
सप्ताह में एक दिन करेंगे निर्धारित-
अस्पताल अधीक्षक डॉ.लखन सिंह ने कहा कि स्वच्छता के प्रति यहां आने वाले हर वर्ग के लोगों में आए इसके लिए यह अभियान निरंतर जारी रखा जाएगा। निजी अस्पतालों में जिस प्रकार लोग कहीं भी थूकने, कचरा फेंकने के पहले सोचते हैं, वैसा ही व्यवहार शासकीय अस्पताल में करें तो गंदगी उनसे भी कोषों दूर होगी। उन्होंने कहा इस अपेक्षा पर हमारे स्वच्छक भी खरा उतरें इसके लिए सप्ताह में एक दिन वे अपने अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ सफाई अभियान में जुटेंगे। छह दिनों तक इसकी मानीटरिंग वे सभी करेंगे, जिन्होंने अस्पताल में स्वच्छ वातावरण बनाने में अपनी भूमिका निभाई है। इससे यह भी पता चलेगा कि अस्पताल के स्वच्छक अपनी जिम्मेदारी का कितनी ईमानदारी से निर्वहन कर रहे हैं।

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