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छत्तीसगढ़

किशोरी का श्वांस नली रंग-गुलाल से हुआ जाम, तबीयत बिगडऩे से हुई मौत दूसरी घटना में एक ग्रामीण की मौत, ब्रेन हैमरेज की संभावना


अंबिकापुर। ब्रेन हैमरेज के दो मामलों में एक किशोरी और एक ग्रामीण की मौत हो गई। किशोरी को ब्रेन हैमरेज का कारण श्वांस नली में रंग-अबीर जाने से सांस लेने में हो रही दिक्कत बताया जा रहा है।
पुलिस ने बताया मानिकप्रकाशपुर निवासी अर्चना बेक पिता रूपनारायण बेक (13) बीते 18 मार्च को होली खेलने पड़ोस में गई थी। दिन में लगभग 11 बजे घर आने के बाद वह मां कविलासो बेक से सिर में दर्द होने की बात कह उसके गोद में सिर रखकर सो गई। पांच मिनट नहीं हुआ था कि किशोरी अचेत अवस्था में पहुंच गई, उसके नाक से खून निकल रहा था। बच्ची की स्थिति नाजुक देख कविलासो ने स्वजनों को आवाज लगाकर इसकी जानकारी दी। स्वजन उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद चिकित्सक किशोरी की मौत का कारण श्वांस नली में रंग-गुलाल का भर जाना बता रहे हैं, जिससे उसे सांस लेते नहीं बना और ब्रेन हैमरेज की स्थिति बन गई। दूसरी घटना में लुंड्रा थाना क्षेत्र के ग्राम कोइलारी निवासी बसंत लकड़ा (42) की मौत हो गई। मृतक की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उसका पति तीन दिन से खाना नहीं खा रहा था। घटना तिथि को मोबाइल में कोई सीरियल देख रहा था। इस दौरान उसने हाथ -पैर में दर्द होने की बात कह दवा देने के लिए कहा, जिस पर वह तीन दिन से कुछ खाए नहीं हो, दवा नुकसान करेगा कहते हुए पहले कुछ खा लेने के लिए कहा। इसके कुछ देर बाद वह बेहोश हो गया। स्वजन उसे लुंड्रा स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए यहां से प्राथमिक चिकित्सा के बाद रेफर करने पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर लाया गया, यहां रात 11.30 बजे उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच में लिया है। हालांकि ब्रेन हैमरेज की ग्रामीण के मौत की संभावना जताई जा रही है।

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