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छत्तीसगढ़

आइएएस-आइपीएस अफसरों के गढ़ के बीच राज्यसभा सांसद के शासकीय आवास में लाखों की चोरी बंगले में मौजूद गार्डों को नहीं लगी भनक, चोरों ने जेवरात सहित हीरे की अंगूठी, नगदी पर हाथ साफ किया होली पर्व को लेकर एक दिन पहले ही पुलिस ने फ्लैग मार्च कर कराया था अपनी मुस्तैदी का एहसास


अंबिकापुर। सुरक्षा व्यवस्था के बीच किस तरह से चोर शहर में सेंध लगा रहे है, इसका अंदाजा आइएएस-आइपीएस अफसरों के गढ़ के बीच राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम के शासकीय आवास में गार्डों की मौजूदगी में हुई नगदी सहित डेढ़ लाख के जेवरात की चोरी से लगाया जा सकता है। राज्यसभा सांसद को अंबिकापुर में जो शासकीय आवास मिला है वह ऑफिसर कॉलोनी है, यहां सरगुजा संभाग के कमिश्नर के अलावा अन्य आइएएस व आइपीएस अधिकारी रहते हैं। इस कॉलोनी से कुछ ही दूरी पर सरगुजा जिले के पुलिस कप्तान का आवास है। इस घटना के बाद पुलिसिंग में कसावट को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। होली पर्व पर शांति व्यवस्था बनी रहे इसके लिए होलिका दहन के दिन पुलिस ने फ्लैग मार्च कर अपनी मौजूदगी और मुस्तैदी का एहसास कराया था, लेकिन चोरों ने गांधी चौक और अंबेडकर चौक के बीच स्थित कॉलोनी में स्थित राज्यसभा सांसद के आवास में चैलेंजिंग मोड में सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगा 18 मार्च की रात इस घटना को अंजाम दिया। शातिर चोरों ने सोने-चांदी के जेवरात सहित दो नग हीरे की अंगूठी व नगद रकम पर हाथ साफ किया है। शिकायत मिलने पर गांधीनगर पुलिस अज्ञात चोरों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उनकी तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि रामविचार नेताम के शासकीय आवास का मुख्य दरवाजा व अंदर के दरवाजों में ताला लगा हुआ था। सुरक्षा गार्ड मकान से लगे गार्ड रूम में सो रहे थे। इसी बीच शातिर चोरों ने मौके का फायदा उठाकर पहले राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम के शासकीय मकान का ताला तोड़ा इसके बाद चोरी की वारदात को अंजाम देकर निकल लिए। चोरों ने तीन अलमारी का ताला तोड़ा है और लगभग पांच लाख रुपये की चोरी की है। घर में रखे सोना-चांदी के जेवरात सहित दो हीरे का अंगूठी गायब है। हालांकि पुलिस डेढ़ लाख रुपये की चोरी होना बता रही है। राज्यसभा सांसद की ओर से संदीप जायसवाल की शिकायत पर गांधीनगर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।
हर अधिकारी के आवास में हैं सुरक्षा गार्ड-
राज्यसभा सांसद रामवचार नेताम के जिस शासकीय आवाज में चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है उसके आस-पास पुलिस अधीक्षक अमित तुकाराम काम्बले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला सहित कई बड़े अधिकारियों के मकान भी हंै। शहर में बढ़ती चोरी की घटनाओं के बीच सवाल यह उठ रहा है कि चुस्त पुलिसिंग के बीच चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने में पुलिस क्यों असफल है। वरिष्ठ अधिकारियों के आवासीय इलाके में हुई चोरी की इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था में नाकामी को लेकर पुलिस की फजीहत बढ़ गई है। अधिकारियों की यह ऐसी आवासीय कॉलोनी हैं, जहां लगभग हर आवास में सुरक्षा गार्ड की तैनाती रहती है।

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