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छत्तीसगढ़

मां महामाया मंदिर में पूजा-अर्चना पर लगे प्रतिबंध से मिली मुक्ति पूर्व की भांति पूजा-अर्चना भक्त कर सकेंगे


अंबिकापुर। वैश्विक महामारी कोविड-19 देश में शुरू होने के बाद सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए गए कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए आमजनों के दर्शनार्थ व पूजनार्थ मां महामाया मंदिर के अंदर प्रवेश वर्जित कर दिया गया था, जिसका मंदिर में लगातार पालन किया जा रहा था।
मां महामाया के भक्तों द्वारा लगातार मंदिर को खोलने एवं अंदर तक प्रवेश करने की मांग की जा रही थी, जिसे देखते हुए होली पर्व से मां महामाया मंदिर को पूर्व की भांति सामान्य रूप से खोला जाएगा। इसके बाद माता के भक्त मंदिर के अंदर तक प्रवेश कर दर्शन एवं पूजा पूर्ववत कर सकते हैं। समय-समय पर कोरोना के गाइड लाइन में बदलाव होते रहे हैं और मंदिर खोलने को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश अथवा आदेश नहीं होने के कारण मंदिर के अंदर तक भक्तों का प्रवेश वर्जित रखा गया था, किंतु अब चारों ओर स्थिति सामान्य है, जिसे देखते हुए होली पर्व से मंदिर सभी के पूजन एवं दर्शन हेतु खुल जाएगा।
कोविड के दौरान 20 हजार का जुर्माना लगा था-
कोविड के दौरान नवरात्र के समय मां महामाया मंदिर में प्रज्ज्वलित होने वाले ज्योति की देख-रेख हेतु हमेशा स्वयं सेवकों की उपस्थिति रही, इसे कोरोना के गाइड लाइन का उल्लंघन बताते हुए 16 अप्रैल 2021 को कलेक्टर सरगुजा द्वारा स्वयं मंदिरों में निरीक्षण दौरान मां महामाया मंदिर पर 20 हजार रुपये एवं मां समलाया मंदिर पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए कड़ाई से कोविड के नियमों का पालन करने निर्देश दिया गया था, इसके बाद मंदिर के अंदर प्रवेश वर्जित कर दिया गया, जो अब तक लगातार जारी था।
भव्य सजावट की जा रही-
कोविड-19 के दौरान लगभग दो वर्षों तक मंदिर के अंदर भक्तों का प्रवेश वर्जित था। होली के दिन से मंदिर को सामान्य दिनों की भांति खोला जाना है, इसे देखते हुए मंदिर परिसर को सजाया जा रहा है, भक्तों में भी पूजा-अर्चना एवं दर्शन को लेकर उमंग है।

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