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छत्तीसगढ़

अंतर्राज्यीय गांजा तस्कर के मांद तक पहुंची पुलिस, सात आरोपित गिरफ्तार दो आरोपितों को गिरफ्तार करने पुलिस टीम उड़ीसा बार्डर पहुंची


अंबिकापुर। सरगुजा पुलिस ने गांजा तस्करी के मामले में अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफास किया है। नवा बिहान नशा मुक्ति अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस को गांजा सप्लाई और बिक्री के उड़ीसा, बिहार तक जुड़े छत्तीसगढ़ के तार का पता लगाने में सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में सात आरोपितों को गिरफ्तार कर लगभग 70 किलो गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत एक लाख रुपये बताई जा रही है। पकड़ में आए छह कोचिए यात्री बस में उड़ीसा से गांजा लेकर बस्तर होते हुए अंबिकापुर पहुंचे थे, यहां से भी बिहार जाने वाले थे, इसके पहले पकड़ में आ गए। इनके द्वारा लंबे समय से गांजा की खेप पहुंचाने का कार्य किया जा रहा था। इसके एवज में गोपालगंज बिहार निवासी राणा सिंह इन्हें तीन-तीन हजार रुपये देता था। इनसे मिले सूत्र पर पुलिस ने मुख्य तस्कर को काफी मशक्कत के बाद बिहार से गिरफ्तार किया है। रास्ते में तस्कर ने भागने की भी कोशिश की। इस दौरान एक एएसआइ को चोटें भी आई है। पुलिस ने मुख्य तस्कर सहित सात आरोपितों को अभी तक जेल जेल दाखिल कर दिया है, दो आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम उड़ीसा बार्डर पहुंच गई है।  
विदित हो कि पुलिस महानिरीक्षक अजय कुमार यादव व पुलिस अधीक्षक अमित कुमार काम्बले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला, नगर पुलिस अधीक्षक अखिलेश कौशिक के मार्गदर्शन में नशे के खिलाफ नशा मुक्ति अभियान चला नशेडिय़ों व नशे के कारोबारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। इसी तारतम्य में 16 मार्च को पुलिस को सूचना मिली कि उड़ीसा से गांजा लेकर बस्तर होते हुए अंबिकापुर छह व्यक्ति पहुंचे हैं, जो बिहार में गांजा खपाने के लिए जाने वाले हैं। इनके गौरव पथ नया बस स्टैंड के पास खड़े होने की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां छह व्यक्ति एक साथ पि_ू बैग के साथ खड़े मिले। पूछताछ करने पर इन्होंने अपना नाम प्रभु कुमार सिंह पिता काशी राय (19), बिंदु कुमार पिता विशुन प्रसाद सोनी (19), परमजीत महतो पिता चन्द्रदेव महतो (46), संजेद आलम पिता कलामुददीन (22), तबरेज आलम पिता फतेह आलम (19), अनिरूद्ध शाह पिता मनिजर शाह (34) सभी निवासी जादवपुर गोपालगंज बिहार बताया। पुलिस ने सभी के बैग की तलाशी ली तो बैग में पीले रंग से टेप लगा पैक किया गया गांजा मिला, जिसका वजन 68.550  किलोग्राम पाया गया। प्रशिक्षु पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुडिय़ा के नेतृत्व में चली कार्रवाई के दौरान आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि वे यात्री बस से ओडि़सा से बस्तर होते हुए अंबिकापुर पहुंचे हैं। यहां से बिहार जाकर राणा सिंह को वे गांजा सुपुर्द करेंगे। पुलिस ने गांजा तस्करी के सातों आरोपितों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस के तहत कार्रवाई की है और न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया है। कार्रवाई में सदर कोतवाली के टीआइ राहुल तिवारी, उपनिरीक्षक सरफराज फिरदौसी, विजय दुबे, सहायक उपनिरीक्षक विनय सिंह, आरक्षक मनीष सिंह, अतुल सिंह, मंटू गुप्ता, शहबाज अंसारी, विमल टोप्पो, सपन मंडल, अभिषेक सिंह, राम प्रसाद निकुंज, सरोज तिग्गा सक्रिय रहे।
तीन-तीन हजार रुपये देकर गांजा तस्करी-
मुख्य गांजा तस्कर राणा सिंह पिता मिथलेश सिंह (22) निवासी गोपालगंज बिहार फिल्मी अंदाज में तीन-तीन हजार रुपये देकर गांजा की तस्करी करा रहा था। यह राज गिरफ्तार आरोपितों के द्वारा उगलने के बाद पुलिस ने राणा सिंह को कब्जे में लेने की मंशा बनाई ताकि छत्तीसगढ़ से होकर किया जा रहा नशे का अंतर्राज्यीय कारोबार समाप्त हो। आरोपितों ने बताया कि वे गोपालगंज से छपरा होते हुए रायपुर, फिर रायपुर से जगदलपुर गए, यहां एक आटो वाले शोभा सुंदर ने अपने एक अन्य साथी सूरज कुमार के साथ उन्हें पृथक-पृथक बैग में भरा गांजा दिया, जिसे लेकर गोपालगंज राणा सिंह के पास जाने की तैयारी में थे।
मुख्य तस्कर को बिहार से पकड़ी पुलिस  
गांजा तस्करी के मुख्य आरोपित राणा सिंह का लोकेशन बिहार पता चलने पर थाना कोतवाली के अपराध क्रमांक 1263/21 धारा 406, 408 भादवि के प्रकरण में पहले से आरोपित की पतासाजी के लिए बिहार गई पुलिस टीम में शामिल सउनि विनय सिंह को इसकी सूचना दी गई थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर राणा सिंह निवासी गोपालगंज बिहार को सरगुजा पुलिस ने पटना के पास से हिरासत में लिया और उसे अपने साथ लेकर आते समय सिविल ड्रेस में मौजूद पुलिस टीम को परेशानियों का सामना करना पड़ा। तस्कर ने गांव के लोगों को भड़का दिया। इसके बाद सरगुजा पुलिस ने गोपालगंज पुलिस की मदद ली और आरोपित को लेकर अंबिकापुर के लिए रवाना हुए।
लघुशंका के बहाने भागने का प्रयास
मुख्य तस्कर राणा सिंह को पटना के पास से हिरासत में लेकर पुलिस अंबिकापुर सीमा में पहुंच गई थी। अंबिकापुर-रामानुजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग में शंकरघाट के पास राणा सिंह लघुशंका के बहाने गाड़ी रुकवाया और पुलिस को चकमा देकर भागने का प्रयास किया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि टीम ने वीरता पूर्वक आरोपित को दौड़ाकर पुन: पकड़ा। आरोपित द्वारा पुलिस टीम पर हमला करने के नीयत से मारपीट की गई, जिसमें पुलिस टीम को चोटें आई हैं। आरोपित के विरूद्ध शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने एवं हमला करने के मामले में पृथक से अपराध कमांक 213/2022 धारा 294, 506, 186, 353, 332 दर्ज किया गया है।

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