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छत्तीसगढ़

फलदार वृक्षों के वानस्पतिक प्रबंधन पर तकनीकी कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण


अंबिकापुर। राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में वन एवं फलदार वृक्षों के वानस्पतिक प्रबंधन पर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों के लिए तकनीकी कौशल उन्नयन प्रशिक्षण अधिष्ठाता डॉ.पीके जायसवाल की अध्यक्षता में प्रमुख वन संरक्षक सरगुजा अनुराग श्रीवास्तव के मुख्य आतिथ्य एवं उप वन संरक्षक सरगुजा पंकज कमल के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित किया गया। अधिष्ठाता ने वन विभाग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने ग्राफ्टिंग, बडिंग, लेयरिंग को प्रायोगिक रूप में प्रदर्शित एवं प्रक्षेत्र भ्रमण महाविद्यालय के विशेषज्ञों द्वारा किए जाने की बात कही।
उप वन संरक्षक ने एक दिवसीय प्रशिक्षण की कार्य योजना एवं महत्व को बताते हुए प्रशिक्षण का लाभ लेने सभी को प्रेरित किया। प्रमुख वन संरक्षक ने कृषि वानिकी के महत्व को बताते हुए प्रशिक्षण से लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। डॉ.एके बिसेन सहायक प्राध्यापक (उद्यानिकी) कृषि महाविद्यालय, कोरबा ने वन एवं फलदार वृक्षों में कलम पर प्रायोगिक प्रशिक्षण प्रदान किया तथा कलम के महत्व को बताते हुए कम समय में आय में वृद्धि हासिल कर किसानों को लाभ पहुंचाने की बात कही। प्रशिक्षण पश्चात् सभी प्रतिभागियों को अधिष्ठाता डॉ.पीके जायसवाल, प्रमुख वन संरक्षक सरगुजा संभाग छत्तीसगढ़ अनुराग श्रीवास्तव एवं उप वन संरक्षक पंकज कमल ने प्रमाण पत्र प्रदान किया। डॉ.रंजीत कुमार ने मंच संचालन एवं अरुणिमा त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ.पीके भगत, डॉ.राहुल आर्य, डॉ.जहार सिंह, डॉ.सचिन कुमार जायसवाल, यमलेश कुमार निषाद सहित अन्य कर्मचारी एवं सरगुजा संभाग के विभिन्न वन वृत्त के प्रशिक्षु वानिकीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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