samvaad
छत्तीसगढ़

शासकीय कार्यालय को निजी संपत्ति समझ ताला जड़ रहे अधिकारी बलरामपुर जिले में वन विभाग के अधिकारियों की कारगुजारी सुर्खियों


राजपुर। बलरामपुर जिले में वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला इन दिनों सुर्खियों में हैं। बलरामपुर वन विभाग के वन मंडलाधिकारी लक्ष्मण सिंह के तबादले का आदेश 21 फरवरी 2022 को आ चुका था, इसके पश्चात वन मंडलाधिकारी विवेकानंद झा पदभार ग्रहण करने कार्यालय पहुंचे। यहां के कार्यालय में पूर्व वन मंडलाधिकारी के द्वारा ताला जड़ दिया गया था।
ऐसा ही वाक्या राजपुर उप वन मंडलाधिकारी कार्यालय में भी देखने को मिला है। यहां पदस्थ उप मंडलाधिकारी विजय भूषण केरकेट्टा तबादले का आदेश आने के बाद अशोक तिवारी सहायक वन संरक्षक के द्वारा राजपुर उप मंडलाधिकारी का पदभार ग्रहण किया गया था, परंतु पूर्व में पदस्थ उप वन मंडलाधिकारी विजय भूषण को उच्च न्यायालय से स्थगन का आदेश मिल चुका है, जिस कारण उनकी पदस्थापना यथावत राजपुर में हो गई है। 10 मार्च को जब वे कार्यालय पहुंचे तो कार्यालय में नवपदस्थ उप वन मंडलाधिकारी अशोक तिवारी के द्वारा कार्यालयीन दस्तावेजों को अपने अधीन रख कार्यालय मेंं ताला जड़ दिया गया है। अधिकारियों के द्वारा शासकीय कार्यालय को निजी संपत्ति समझना और ऑफिस में ताला जड़ देने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उप मंडलाधिकारी विजय भूषण केरकेट्टा ने बताया कि राजपुर वन परिक्षेत्र में कई विकास कार्य हो रहे हैं जिनमें सैकड़ों मजदूर लगे हैं। होली का त्यौहार काफी नजदीक है, मजदूर पूरी उम्मीद में हैं कि त्योहार के समय उनकी मजदूरी का भुगतान मिल जाएगा। अगर कार्यालय में सभी दस्तावेजों को बंद कर दिया जाएगा तो कैसे भुगतान होगा, यह समझ से परे है। उन्होंनेे कार्यालय में ताला जडऩे की सूचना वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में एक पंचनामा तैयार करा दे दी है और उचित मार्गदर्शन देने का आग्रह किया है ताकि वन विभाग का कार्य व्यवस्थित ढंग से हो सके।  

Leave a Reply