अंबिकापुर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की अंबिकापुर शाखा व पैथकाइन्ड लैब के संयुक्त तत्वाधान में अस्पताल में संक्रमण के रोकथाम की प्रभावी रणनीति के लिए संगोष्ठी का आयोजन डॉ.एमपी अग्रवाल की अध्यक्षता में होटल विरेंद्र प्रभा में किया गया। संगोष्ठी में विश्व स्वास्थ्य संगठन की लैब से संबंधित माइक्रोबायोलॉजिस्ट प्रोफेसर डॉ.अशोक रतन ने व्याख्यान देते हुए कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीज को अस्पताल के कारण संक्रमण नहीं हो इस बात को सुनिश्चित करना चिकित्सक की नैतिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। क्षय रोग के कीटाणु, पेशाब की नली का संक्रमण, घाव का लंबे समय तक ठीक न होना व न्युमोनिया जैसी बीमारी का कारण अस्पताल की संक्रमण रोकथाम पॉलिसी का अभाव हो सकता है। उन्होंने बताया किसी भी बीमार व्यक्ति के एक छींक से एक लाख कीटाणु वातावरण में फैलकर संक्रमण फैला सकते हैं। प्रत्येक अस्पताल में संक्रमण की रोकथाम के लिए अलग से पॉलिसी रहनी चाहिए, जिसमें मरीज शत-प्रतिशत अस्पताल के संक्रमण से मुक्त हों। इसे सुनिश्चित करने के लिए अलग से नर्सिग स्टॉफ की नियुक्ति की जानी चाहिए, जिनका अनुभव कम से कम पांच साल का अस्पताल में काम करने का हो। अस्पताल में भर्ती मरीज को छूने से पहले हाथ अच्छे से विसंक्रमित करना चाहिए, अस्पताल में मरीज के परिजनों द्वारा फूल का गुलदस्ता देने का रिवाज रहता है, ये मरीज में संक्रमण फैला सकते हंै, इसकी सख्त मनाही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल के कर्मचारियों में साबुन से बार-बार हाथ धोने की आदत होने से मरीजों मे संक्रमण की दर काफी हद तक कम की जा सकती है। आइएमए अध्यक्ष डॉ.अंजु गोयल ने रायगढ़ में दिनांक 12-13 मार्च को आयोजित आइएमए के राज्य स्तरीय सम्मेलन में ज्यादा से ज्यादा चिकित्सकों से शामिल होने की बात कही। मंच का संचालन सचिव डॉ.योगेन्द्र गहरवार व आभार प्रदर्शन डॉ.अक्षय गोयल ने किया। कार्यक्रम में जोनल चेयरपर्सन डॉ.शैलेंद्र गुप्ता, डॉ.एसएस सिंह, डॉ.अंजु गोयल, डॉ.आशा बंसल अरविंद, डॉ.योगेन्द्र अग्रवाल, डॉ.जेके भुटानी, डॉ.अपेक्षा सिंह, डॉ.जेके रेलवानी, डॉ.निखिल, डॉ.मयंक, डॉ.पीके श्रीवास्तव, डॉ.एलपी सोनी, डॉ.सुनील अग्रवाल, डॉ.बीआर सिंह, डॉ.रोशन लाल वर्मा, डॉ.विकास पांडेय, डॉ.विशाल कुलकर्णी, डॉ.शारदा भगत सहित शहर के अन्य गणमान्य चिकित्सक सम्मिलित हुए।
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