अंबिकापुर। महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा एवं छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी महासंघ जिला शाखा के संयोजक अखिलेश सोनी ने बताया कि सात मार्च को जिले के तमाम संगठनों के पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा स्थानीय घड़ी चौक अंबिकापुर में एकत्र होकर महंगाई भत्ता एवं गृह भाड़ा भत्ता की मांग की जाएगी।
केंद्र सरकार एवं लगभग सभी राज्य सरकारें अपने अधीनस्थ कार्य करने वाले कर्मचारियों-अधिकारियों तथा पेंशनरों को 31 प्रतिशत महंगाई भत्ता दे रही है। साथ ही सातवें वेतनमान के अनुसार गृह भाड़ा भत्ता भी प्रदाय किया जा रहा है किंतु छत्तीसगढ़ में प्रदेश के लगभग चार लाख कर्मचारी-अधिकारी तथा पेंशनर आज भी मात्र 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्राप्त कर रहे हैं। इस प्रकार प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को 14 प्रतिशत कम महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। इससे प्रत्येक कर्मचारी को औसतन पांच से छह हजार रुपये प्रति माह का नुकसान हो रहा है। इसी प्रकार गृह भाड़ा भत्ता भी छठवें वेतनमान के अनुसार दिया जा रहा है वह भी एक निश्चित राशि ही प्राप्त हो रही है। इससे प्रदेश के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं पेंशनर्स में रोष है। उन्होंने बताया कि सात मार्च को सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया जाएगा व 14 प्रतिशत लंबित मंहगाई भत्ता एवं सातवें वेतनमान के अनुसार गृह भाड़ा भत्ता देने हेतु मांग पत्र कलेक्टर को सौंपा जाएगा। आयोजित बैठक में कमल नयन त्रिपाठी अध्यक्ष अनुदान प्राप्त शाला संगठन, संतोष कुमार सिंह, अमित कुमार सिंह, मनोज वर्मा, इशरत खान, महेंद्र सिंह, राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव, मो.सऊद अंसारी, सुरेश कुमार सेन, आलोक कुशवाहा, मनोज कुमार मांझी, अमित सोनी समेत अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
महंगाई भत्ते की मांग को लेकर प्रदर्शन करेंगे कर्मचारी महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा ने की बैठक

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