देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जिला अस्पताल में अत्याधुनिक पब्लिक हेल्थ लैबोरेट्री की स्थापना की जाएगी। इसके लिए अस्पताल में ब्लड बैंक के पास स्थल का चयन कर लिया गया है। लैबोरेट्री भवन सवा करोड़ रुपये की लागत से बनेगा, इसमें भवन व उपकरण के खर्च को शामिल किया गया है। सर्वसुविधा युक्त लैबोरेट्री की स्थापना से मरीजों को रक्त विकार से संबंधित जांच की पूरी सुविधाएं एक छत के नीचे मिलने लगेंगी। इस लैब में गंभीर से गंभीर बीमारियों की जांच करने की सुविधा होगी। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने की तैयारी में जुट गया है। शासन के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में तीन मेडिकल कॉलेज में पब्लिक हेल्थ लैबोरेट्री की स्थापना की जानी है, इनमें अंबिकापुर का शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय भी शामिल है। चिकित्सा महाविद्यालय प्रबंधन को लैबोरेट्री की स्थापना के लिए इंडियन पब्लिक हेल्थ लैबोरेट्री (आईपीएचएल) की टीम के आने का इंतजार है।
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ.रमनेश मूर्ति ने अस्पताल के संयुक्त संचालक सह अधीक्षक डॉ.लखन सिंह व अन्य के साथ पब्लिक हेल्थ लेबोरेट्री की स्थापना को लेकर बुधवार को चर्चा की। उन्होंने बताया कि लैबोरेट्री की स्थापना के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पीछे ब्लड बैंक के पास स्थल का चयन किया गया है। लैबोरेट्री का निर्माण जल्द शुरू कराया जाएगा। यह लैब सवा करोड़ की लागत से बनना है। यह राशि भवन के साथ उपकरण पर भी खर्च की जाएगी। लैब में रक्त विकार से संबंधित संपूर्ण जांच की सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि लैब की स्थापना के बाद माइक्रोबायोलॉजी, पैथालॉजी, केमेस्ट्री विभाग समन्वित तरीके से जांच सुविधा का लाभ लोगों को दे पाएंगे। यहां सामान्य जांच के साथ ही विशेष जांच की सुविधा भी लोगों को मिलने लगेगी। नवीन टेक्नालॉजी युक्त इस लैब के लिए अधिष्ठाता व डीन के द्वारा काफी पहले से कार्ययोजना प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के मार्गदर्शन में तय की गई थी। इसके पहले कोरोना महामारी को देखते हुए अस्पताल में वायरोलॉजी लैब स्थापित किया गया था, जिससे लोगों को काफी राहत मिली थी।
अत्याधुनिक जांच मशीनें होंगी लैब में-
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ.रमनेश मूर्ति ने बताया कि पब्लिक हेल्थ लैबोरेट्री में ऑटो एनालइजर, हार्मोन एनालाइजर, सेल काउंटर, प्रोमेटोग्राफी, पीसीआर जांच सहित ऐसे कई उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे रक्त विकार संबंधित बीमारियों के अलावा डेंगू, हेपेटाइटिस जैसी कई बीमारियों की जांच में होने वाली दिक्कतों से मुक्ति मिलेगी। लैब से गंभीर से गंभीर बीमारी की जांच होने से मरीजों को और बेहतर सुविधा मिल पाएगी।
महामारी ने काफी कुछ सिखाया-
चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ.रमनेश मूर्ति ने बताया कि कोरोना महामारी जैसी संकट की घड़ी ने हम सभी को बहुत कुछ करने के लिए प्रेरित किया है। अस्पताल सर्वसुविधायुक्त हो, इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशन व मार्गदर्शन में सतत प्रयास किए जा रहे हैं। विभागीय लैब, हमर लैब के अलावा पब्लिक हेल्थ लैबोरेट्री की स्थापना का होना सरगुजा संभाग के लोगों के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
आइसीएमआर की शाखा का होगा उद्घाटन-
अधिष्ठाता डॉ.रमनेश मूर्ति ने बताया कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में आइसीएमआर की शाखा खुलेगी, इसका दिल्ली से वर्चुअल उद्घाटन गुरूवार को किया जाना सुनिश्चित किया गया है।
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एमबीबीएस के लिए दूसरे चरण में ऑल इंडिया कोटे से प्रवेश शुरू
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस में प्रवेश के लिए दूसरा चरण शुरू हो गया है। दूसरे चरण में बुधवार को ऑल इंडिया कोटे के पहले दिन छह एमबीबीएस के विद्यार्थियों ने अपनी रिपोर्टिंग की है। चिकित्सा महाविद्यालय प्रशासन द्वारा इनके दस्तावेज की स्कूटनी की जा रही है। अधिष्ठाता डॉ.रमनेश मूर्ति ने बताया कि एमबीबीएस के लिए पहले चरण में अंतिम तिथि 12 फरवरी तक 77 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया है। दूसरे चरण का नामांकन दो मार्च से पांच मार्च तक चलेगा। उन्होंने बताया कि नामांकन के लिए लोग पहुंच रहे हैं। गौरतलब है कि स्टेट कोटे से 82 सीट में से 80 सीट मेडिकल के विद्यार्थियों के लिए आवंटित किए गए थे। 80 में 77 छात्रों ने पहले चरण के अंतिम दिवस तक प्रवेश ले लिया था। पहले चरण में 104 सीटों में से 82 सीटें स्टेट कोटे की हैं, इसमें 80 सीटों का आवंटन किया गया था। 18 सीटें ऑल इंडिया कोटे की व तीन सीट सेंट्रल कोटे की है। अधिष्ठाता ने बताया कि एमबीबीएस के प्रथम वर्ष में स्टेट कोटे की सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया जारी है। प्रथम चरण के अंतिम दिन 80 में से 77 छात्रों ने प्रवेश लिया है। दूसरे चरण के लिए प्रवेश शुरू हो गया है। ईडब्ल्यूएस की 25 सीटों पर भी नामांकन की प्रक्रिया होनी है।
नेपाल व लद्दाख से तीन छात्र लेंगे प्रवेश-
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ.रमनेश मूर्ति ने बताया कि सेंट्रल पुल के लिए इस बार दो नेपाल व एक लद्दाख के छात्र प्रवेश लेंगे। उन्होंने बताया के तीनों विद्यार्थियों से संपर्क हो गया है। सेंट्रल पूल कोटे का तीन सीट है। इस वर्ष एमबीबीएस के लिए कुल 125 सीटों पर नामांकन होना है।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल में सवा करोड़ की लागत से होगी पब्लिक हेल्थ लेबोरेट्री की स्थापना प्रबंधन को लैबोरेट्री के लिए आईपीएचएल की टीम के आने का इंतजार

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