अंबिकापुर। विश्व श्रवण दिवस तीन मार्च को श्रवण शक्ति के प्रति जन जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से नगर के घड़ी चौक में स्थित यातायात पुलिस नियंत्रण केंद्र में विशेष कैंप का आयोजन किया गया है, जिसमें यातायात निरीक्षकों का निश्शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण व सुनने की क्षमता का जांच किया जाएगा। गैर संचारी रोग प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ.शैलेंद्र गुप्ता ने कहा है कि बधिरता मानव जीवन के लिए अभिशाप है। एक लाख की जनसंख्या में सैकड़ों व्यक्तियों में श्रवण क्षमता की कमी पाई जाती है, इनमें से 80 प्रतिशत से अधिक मरीजों की श्रवण क्षमता को समय रहते जांच एवं उपचार द्वारा बचाया जा सकता है।
डॉ.शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि राजमाता देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर, जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र व समाज कल्याण विभाग के सहयोग से श्रवण बाधित मरीजों की जांच व रोकथाम हेतु राष्ट्रीय बधिरता नियंत्रण कार्यक्रम वर्ष 2016 से चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में वर्ष 2021-22 में कान से संबधित कुल 7103 मरीज देखे गए, जिसमें से 889 मरीजों की कर्ण से संबधित शल्य क्रिया की गई, 30 मरीजों के कान के पर्दे की सर्जरी की गई। 2466 मरीजों की आडियोमेट्री जांच की गई, जिसमें से 838 मरीज श्रवण बाधित मिले व 305 मरीजों को चिन्हांकित कर श्रवण यंत्र प्रदान कराया गया। 405 वाणी दोष मरीजों को स्पीच थैरेपी प्रदान कर लाभान्वित किया गया। डॉ.गुप्ता ने बताया कि 65 वर्ष के ऊपर हर तीन में से एक व्यक्ति के सुनने की क्षमता में कमी सामने आती है जो उम्र व नसों में कमजोरी के कारण होता है, जिसका उपचार श्रवण यंत्रों द्वारा किया जा सकता है। श्रवण यंत्रों के उपयोग से सामान्य सुना जा सकता है। बुर्जगों में सुनने की कम क्षमता से अवसाद, डिप्रेसन, चिड़चिड़ापन, याद रखने की क्षमता में कमी, शारीरिक दुर्बलता के साथ समय पूर्व काल-कलवित होने जैसी गंभीर विभीषिका की स्थिति बनती है। युवाओं में सुनने की क्षमता में कमी लंबे समय तक ऊंची आवाज में संगीत सुनने के कारण होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिर्पोट के अनुसार 60 प्रतिशत जनसंख्या में श्रवण क्षमता में कमी का कारण ध्वनि प्रदूषण है।
स्वास्थ्य मंत्री की पहल पर मिली विशेष सुविधा-
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की विशेष पहल पर राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध अस्पताल के नाक, कान, गला रोग विभाग व विकास खंडों को 7 प्योरटोन ऑडियो मीटर, 2 इम्पीडेन्स ऑडियो मीटर, 2 ऑटो एकोस्टिक यंत्र व 1 बेरा मशीन प्रदान की गई है। डॉ.शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि इन मशीनों से कान से संबंधित बीमारियों की गहन जांच राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जिला अस्पताल में पूर्णत: निश्शुल्क की जाती है। मशीन से एक दिन के बच्चों के भी श्रवण क्षमता का पता लगाया जा सकता है। पांच वर्ष की उम्र के बाद बधिरता की पहचान होने पर इसका इलाज संभव नहीं होता और मरीज हमेशा के लिए मूक-बधिर बन जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में शासकीय अस्पताल में तीन ऑडियोलॉजिस्ट कार्यरत हैं।
एक वर्ष में 7103 मरीजों के कान की जांच, 889 की शल्य चिकित्सा, 30 के कान के पर्दे की सर्जरी विश्व श्रवण दिवस पर यातायात पुलिस नियंत्रण केंद्र में श्रवण शक्ति की जांच के लिए लगेगा विशेष कैंप आज

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