अंबिकापुर। श्री शिवशंकर कीर्तन मंडली द्वारा महाशिवरात्रि के अवसर पर 42 वें वर्ष में परंपरा के अनुरूप भोलेनाथ की अनोखी बारात बाजे-गाजे के साथ निकाली गई। झूमते-नाचते शिव भक्तों की टोली बारात में शामिल होकर नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए देर रात पुलिस लाइन स्थित मां गौरी मंदिर पहुंची, जहां महाकाल शंकर और मां गौरी का शुभविवाह हुआ। यहां भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे। बारात दौरान महाकाल की पूजा के लिए जगह-जगह श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ी। बारातियों का पुष्पवर्षा से स्वागत के साथ विधि-विधान से महाकाल की पूजा-अर्चना की गई। आज बुधवार को बारात वापस केदारपुर सहेली गली स्थित शिवशंकर मंदिर पहुंचेगी, जहां वर पक्ष की ओर से आशीर्वाद समारोह के रूप में महाआरती पश्चात शाम सात बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
श्री शिव शंकर कीर्तन मंडली द्वारा महाशिवरात्रि पर महाकाल शंकर की बारात निकालने की परंपरा का 42 वां वर्ष है। इसी क्रम में मंगलवार को सहेली गली प्रतापपुर नाका रोड में स्थित शिवशंकर मंदिर से बाजे-गाजे के साथ भव्य बारात निकाली गई। महाकाल की बारात जैसे ही मंदिर से बाहर निकली, श्रद्घालु महिलाओं के कदम थिरकने लगे। बच्चे, युवा, अधेड़, बुजुर्ग महिलाएं भी अपने को रोक नहीं पाई। दोपहर दो बजे निकलने वाली महाकाल की बारात लगभग सवा चार बजे मंदिर से निकली। बैंड व परंपरागत वाद्ययंत्रों के अलावा डीजे, आतिशबाजी की गूंज रास्ते भर होती रही। भूत-प्रेत की टोलियां, किन्नर, गंधर्व का रूप धारण किए लोग भी बारात में शामिल हुए। भोलेनाथ की बारात प्रतापपुर नाका, भ_ी रोड, जोड़ा पीपल, देवीगंज रोड, स्कूल रोड होते हुए देर शाम पुलिस लाइन स्थित मां गौरी मंदिर पहुंची, जहां रात्रि में शुभविवाह के साथ धार्मिक अनुष्ठान हुआ। इस अवसर पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में शहरवासी प्रसाद ग्रहण करने के लिए पहुंचे। बुधवार को बारात वापस सहेली गली स्थित शिव मंदिर पहुंचेगी, जहां आशीर्वाद समारोह के रूप में महाआरती पश्चात शाम सात बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। संपूर्ण आयोजन में महाशिवरात्रि पर्व 2022 को लेकर मंडली के अध्यक्ष राजकिशोर मिश्रा एवं वरिष्ठ सदस्यों में राम परीखा पांडेय, किशोरीलाल गुप्ता, रामदेव राम, प्रमोद मिश्रा, विनोद वर्मा, भोलानाथ विश्वकर्मा, संजू चौबे, दिलीप पांडेय, मनोज मिश्रा, अनित पुरी, संजय मिश्रा, श्रीराम पांडेय, हरिगोविंद, राजगीर, ऋषिकांत दुबे, रामप्रसाद नायर, रवि शंकर प्रधान, राजू, शैलेंद्र सिंह, नरेश यादव एवं धरनीधर सहित सभी सदस्य सक्रिय रहे। बारात एवं मंडली का कार्यक्रम प्रभारी प्रमोद मिश्रा को बनाया गया था। विदित हो कि महाशिवरात्रि पर निकलने वाला महाकाल का बारात अब आमजनों के लिए उत्सवी रूप ले चुका है। महाकाल की ओर से वर पक्ष द्वारा तथा मां-गौरी की ओर से कन्या पक्ष द्वारा विवाह निमंत्रण कार्ड शहर में वितरित कर आयोजन में सहभागी बनने का आग्रह किया जाता है। इन सबके बीच महाकाल शंकर और गौरी के विवाह के मौके पर बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल होने के लिए पहुंचते हैं।
महिलाएं गाती हैं मंगल गीत
महाशिवरात्रि पर शहर में यह आयोजन अपने आप में अनोखा होता है। शिवशंकर कीर्तन मंडली ने 42 साल पहले यह आयोजन शुरू किया और तब से इस दिन बाजे-गाजे के साथ भगवान शिव की बारात निकलती है। भगवान शिव को रथ पर सवार कराया जाता है। बारात निकलने के पहले यहां मौजूद महिलाएं मंगल गीत गाती हैं। बारात का जगह-जगह स्वागत किया जाता है, जलपान की व्यवस्था की जाती है। शाम को बारात पुलिस लाइन स्थित गौरी मंदिर पहुंची,जहां रात में विवाह संपन्न होगा।
शिवभक्तों की टोली के साथ निकली महाकाल की भव्य बारात आज होगी बारात की वापसी, महाकाल की आरती के बाद होगा भंडारा

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