राजपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर ओकरा कोठी पत्थल सहित आसपास के शिव मंदिरों में महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भंडारा, हवन व पूर्णाहुति के बाद भक्तिमय माहौल में कार्यक्रम का समापन किया गया। महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए थाना प्रभारी अखिलेश सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को तैनात किया था।
राजपुर से तीन किलोमीटर दूर एक पीपल के विशाल पेड़ के नीचे ओकरा कोठी पत्थल में शिव मंदिर है, यहां जमीन से एक-एक कर दर्जनों शिवलिंग निकले हंै। बगल में बेल का पेड़ व गेउर नदी लगा हुआ है। समिति के द्वारा शिव मंदिर के साथ मां पार्वती मंदिर भी बनाया गया है। महाशिवरात्रि पर यहां अखंड, रामायण पाठ, भजन-कीर्तन के साथ पंडित के द्वारा मंत्रोच्चार के साथ पूजापाठ संपन कराया गया। महाशिवरात्रि के दिन सुबह से ही मंदिर प्रांगण में भक्तों का तांता लगा था। समिति के द्वारा भव्य भंडारे का व्यवस्था की गई थी। महाशिवरात्रि के दिन यहां एक मेला जैसा माहौल निर्मित हो गया। चारों ओर हर-हर महादेव की गूंज सुनने को मिल रही थी। महाशिवरात्रि महोत्सव को लेकर 27 फरवरी से ही विविध धार्मिक आयोजन हो रहे थे। कलश यात्रा के बाद 28 फरवरी को अखंड कीर्तन रामजीवन गुप्ता गणेश मोड़ मंडली व पुजारी पंकज मिश्रा के द्वारा कराया गया। संपूर्ण रामचरित मानस का पाठ, रुद्राभिषेक, जगराता का आयोजन किया गया। अखंड भंडारा, हवन की पूर्णाहुति के बाद समाप्त किया गया। इसके अलावा सेवारी शिव मंदिर में राजेश्वर गुप्ता के द्वारा पूजा-अर्चना संपन्न कराया गया। कर्रा शिव मंदिर, पावर हाउस शिव मंदिर, गेउर हरीतिमा शिव मंदिर, खोडरो शिव मंदिर, परसापानी शिव मंदिर, परसा शिव मंदिर, कुंदीखुर्द में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
ओकरा कोठी पत्थल में निकला है विशाल शिवलिंग-
राजपुर के ओकरा कोठी पत्थल शिव मंदिर में करीब 40 सालों से पूजा-पाठ की जा रही है। यहां एक पीपल पेड़ के नीचे शिवलिंग जमीन से निकला है। यहां मंदिर बनाकर क्षेत्र के लोग पूजा-पाठ करना शुरू किए, इसके बाद एक-एक कर दर्जनों शिवलिंग जमीन से निकलकर बाहर आ गए। आसपास के क्षेत्रों तक जब यह बात पहुंची तो महाशिवरात्रि के मौके पर महामेला लगना शुरू हो गया। महामेला में राजपुर सहित आसपास के श्रद्धालु भक्ति-भाव के साथ पूजा-अर्चना करते हंै।
ले सकता है पर्यटक व तीर्थस्थल का रूप-
ओकरा कोठी पत्थल से लोगों की धार्मिक भावना जितनी जुड़ी उतना उस स्थल का विकास नहीं हो पाया। जनप्रतिनिधियों, नेताओं की ओर से भी मंदिर के लिए सहयोग नहीं किया गया। राजपुर नगर की जनता व ग्रामीण अपने स्तर पर कुछ चंदा एकत्र कर मौके पर प्रतीक्षालय का निर्माण कराए हैं। अगर मंदिर को पुरातत्व विभाग अपने कब्जे में ले तो मंदिर के विकास की उम्मीद है। आने वाले समय में यह स्थल एक पर्यटक व तीर्थस्थल का भी रूप ले सकता है।
जनसहयोग से भंडारे का आयोजन-
ओकरा कोठी पत्थल के शिव मंदिर समिति के द्वारा चंदा कर महाशिवरात्रि के मौके पर भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। नगर सहित आसपास के भक्त यहां पहुंचकर भंडारा प्रसाद ग्रहण किए। इस दौरान महेंद्र अग्रवाल, देव शरण राम, संतोष सिंह, मनोज बंसल, दसरू राम, ओमप्रकाश, विजय गुप्ता, भोला राम, प्रमोद ठाकुर, सतीश जायसवाल, दशरथ दास, प्रेम साय का संपूर्ण व्यवस्थापन में उल्लेखनीय योगदान रहा।
ओकरा कोठी पत्थल में उमड़े शिवभक्त, जगराता का किया गया आयोजन आसपास के शिवालयों में लगी भक्तों की भीड़

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